निर्माण में लापरवाही और बढ़ते हादसों के विरोध में प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
शरद शर्मा बेगमगंज रायसेन
बेगमगंज-राहतगढ़ मार्ग के निर्माण कार्य में कथित लापरवाही, गुणवत्ता विहीन निर्माण और लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के विरोध में बुधवार को कांग्रेस ने बेगमगंज बस स्टैंड पर जोरदार प्रदर्शन किया। सिलवानी विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र पटेल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, किसानों और ग्रामीणों ने आमसभा के बाद करीब एक घंटे तक चक्का जाम कर धरना दिया। इसके बाद महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम प्रियंका भिलाबी को सौंपा गया।

बस स्टैंड पर आयोजित सभा में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि रायसेन-राहतगढ़ मार्ग का निर्माण कार्य लंबे समय से धीमी गति से चल रहा है और निर्माण में गुणवत्ता संबंधी मानकों की अनदेखी की जा रही है। नेताओं ने कहा कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण क्षेत्र की जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा पिछले एक वर्ष में इस मार्ग पर 100 से अधिक लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है।

ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एमपी आरडीसी द्वारा स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य का ठेका हरियाणा की एक कंपनी को दिया गया था, जिसे बाद में पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर अन्य लोगों को सौंप दिया गया। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पुरानी सड़क की डामर परत को उखाड़कर पुनः उपयोग किया जा रहा है, जो निर्माण मानकों के विपरीत है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने निर्माणाधीन मार्ग पर तेज गति से दौड़ रहे डंपरों और यात्री बसों पर भी चिंता जताई। ज्ञापन में जिला प्रशासन से मांग की गई कि आमजन की सुरक्षा के लिए भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने तथा प्रभावी निगरानी की व्यवस्था की जाए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान एमपी आरडीसी विभाग के एजीएम सुनील कोरी सहित अन्य अधिकारियों से कांग्रेस नेताओं की चर्चा हुई। विधायक एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र पटेल ने बताया कि अधिकारियों ने समस्याओं के समाधान के लिए 8 दिन का समय मांगा है।

पटेल ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में सड़क निर्माण कार्य में सुधार नहीं हुआ और समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो कांग्रेस जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय नागरिक ग्राम गढ़ी स्थित निर्माण एजेंसी के प्लांट पर धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन को और तेज करेंगे।
प्रदर्शन में कांग्रेस पदाधिकारियों, किसान नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। ज्ञापन सौंपने के बाद चक्का जाम समाप्त कर दिया गया, लेकिन कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन का अगला चरण और अधिक व्यापक होगा।