Let’s travel together.

आर्द्रभूमि संरक्षण विषय पर एक बैठक का आयोजित

0 542

सुरेंद्र जैन धरसीवां रायपुर 

सांकरा निको। ग्राम पंचायत गोढ़ी में जिला पंचायत रायपुर एवं फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी (FES) के संयुक्त तत्वावधान में “रायपुर पक्षी रहवास ग्राम पंचायत समूह के आर्द्रभूमि संरक्षण एवं आर्द्रभूमि-आधारित आजीविका 2026” विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।
इस बैठक का उद्देश्य चयनित ग्राम पंचायतों(मांढर, बरबंदा, टोर, गोढ़ी 2,नगरगाँव-अकोली )में आर्द्रभूमियों के संरक्षण, पक्षी आवास संवर्धन तथा स्थानीय समुदायों के लिए प्रकृति-आधारित आजीविका अवसरों को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता के रूप में FES से डॉ. मनजीत कौर बल, पक्षी विशेषज्ञ श्री जागेश्वर वर्मा, जनपद पंचायत CEO श्री आशीष केसरवानी तथा जिला पंचायत से बिहान के डीपीएम श्री सुमित तथा प्रतिभागी के रूप में पंचायत प्रतिनिधियों में मांढर, बरबंदा, टोर, गोढ़ी 2,नगरगाँव-अकोली के सरपंच, पंच,सचिव एवं रोजगार सहायक, क्षेत्रीय समन्वयक शामिल रहे। कार्यक्रम में लगभग 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं स्थानीय युवा शामिल थे।
सत्र की शुरुआत डॉ. मनजीत कौर बल ने आर्द्रभूमियों के महत्व को स्पष्ट करते हुए की।

उन्होंने बताया कि वेटलैंड जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जैव विविधता संरक्षण तथा स्थानीय आजीविका के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसके बाद “रायपुर पक्षी आवास संरक्षण कार्यक्रम – 2026” पर प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें चयनित पाँच ग्राम पंचायतों—मांढर, अकोली, बरबंदा, गोढ़ी एवं टोर—की आर्द्रभूमियों की स्थिति, पक्षी आवास संभावनाएँ, प्रस्तावित गतिविधियाँ तथा अपेक्षित परिणाम साझा किए गए।
कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों—सरपंच, पंच एवं जनपद सदस्यों—ने सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि आगामी हरेली त्योहार तक आर्द्रभूमि संरक्षण कार्य प्रारंभ किए जाएंगे। पंचायतों ने जलाशयों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई। ग्रीष्मकालीन समर कैंप के अंतर्गत पक्षी चित्रकला, मिट्टी कला, घोंसला निर्माण, पक्षियों की कहानियाँ, बर्ड वॉक एवं नेचर वॉक जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में प्रकृति एवं पक्षी संरक्षण के प्रति रुचि विकसित करना है।
जनपद सदस्यों द्वारा जल संरक्षण के उपायों पर प्रश्न उठाए गए, जिनके उत्तर में विशेषज्ञों ने वर्षाजल संचयन, प्राकृतिक जल प्रवाह संरक्षण तथा जल संरचनाओं के पुनर्जीवन जैसे उपाय सुझाए।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने आर्द्रभूमियों, जल स्रोतों एवं पक्षी आवासों की रक्षा हेतु सक्रिय सहयोग देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह कार्यशाला रायपुर जिले में समुदाय आधारित आर्द्रभूमि संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

हाईवे-18 पर हादसों का सिलसिला जारी, दो महिलाएं घायल     |     काले बादलों और बारिश ने दी राहत, फिर निकली तेज धूप ने बढ़ाई उमस     |     आस्था के पहियों पर हजारों किलोमीटर का सफर     |     इंदौर में 9 से 13 जून तक अंतरराष्ट्रीय कृषि सम्मेलन, दुनिया भर के विशेषज्ञ होंगे शामिल     |     असामाजिक तत्वों द्वारा शमशान मे रखी पानी की टंकी मे तोड़ फोड      |     धरसींवा को मिली उप रजिस्ट्रार कार्यालय की सौगात, 60 गांवों के ग्रामीणों को रायपुर की दौड़ से मिली मुक्ति     |     बारिश से पहले सड़क-पुलिया नहीं बनी तो चार माह कट जायेगा गांव का संपर्क     |     ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के अंतर्गत क्लस्टर कार्यशाला संपन्न     |     अचानक बारिश से जलभराव से जूझे नगरवासी, पानी निकासी के अभाव ने बढ़ाई परेशानी     |      गढ़ी का ऐतिहासिक तालाब बदहाली का शिकार जीर्णोद्धार की उठी मांग     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811