दमयंती व्याख्यान माला में पहुंचे मप्र प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत IAS एसएन मिश्रा
– कार्यक्रम का आकर्षण रहा कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर का नवाचार
– पानी पीने के लिए तांबे के लोटे का हुआ उपयोग
रिपोर्ट धीरज जॉनसन, दमोह
दमोह जिला मेरे लिए केवल एक पदस्थापना नहीं, बल्कि गहरे भावनात्मक जुड़ाव का केंद्र रहा है। प्रशासनिक जीवन की पहली स्वतंत्र जिम्मेदारी मुझे यहीं मिली, जहाँ कार्य करते हुए जनता से संवाद, सहयोग और विश्वास का वास्तविक अर्थ समझ में आया। यह विचार मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईएएस एस.एन. मिश्रा ने पीएमश्री महाविद्यालय में आयोजित द्वितीय दमयंती व्याख्यान माला में व्यक्त किए।अध्यक्ष मिश्रा ने कहा कि ढाई वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने यह सीखा कि प्रशासन जब जनता की आकांक्षाओं को समझते हुए उनके साथ मिलकर समाधान खोजता है, तो शासन अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनता है। अधिकारी शासन का प्रतिनिधि होता है, लेकिन उसका उद्देश्य जनहित में विश्वास और सहभागिता स्थापित करना होना चाहिए।कलेक्टर बंगला केवल निवास नहीं, एक प्रशासनिक संस्था है।

अपने संबोधन में अध्यक्ष मिश्रा ने कलेक्टर निवास एवं उसके परिसर की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह किसी व्यक्ति का निजी आवास नहीं, बल्कि एक जीवंत प्रशासनिक संस्था होती है। 18 एकड़ में फैला कलेक्टर बंगला परिसर और बेला ताल क्षेत्र वर्षों तक शहर के लिए “ऑक्सीजन बैंक” की भूमिका निभाता रहा है। इसका संरक्षण एक समृद्ध प्रशासनिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है।
महाकौशल और बुंदेलखंड की संयुक्त संस्कृति ने दी अलग पहचान
अध्यक्ष मिश्रा ने दमोह की सांस्कृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि महाकौशल और बुंदेलखंड की संयुक्त संस्कृति जिले को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। उन्होंने स्वयं को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि समय के साथ दमोह में अधोसंरचना, सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जो सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
मिलने वाला हर व्यक्ति अपनापन और विश्वास लेकर लौटता था : डॉ. कुसमरिया
मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने एस.एन. मिश्रा के व्यक्तित्व और कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति अपनापन और विश्वास लेकर लौटता था। उनका व्यवहार इतना आत्मीय और विनम्र होता था कि सामने वाला व्यक्ति स्वयं को सम्मानित और सुरक्षित महसूस करता था। उन्होंने विश्वास जताया कि आयोग आमजन की समस्याओं के समाधान में प्रभावी भूमिका निभाएगा।
जनसेवा के प्रति समर्पण ने छोड़ी अमिट छाप : विधायक मलैया
दमोह विधायक एवं पूर्व मंत्री जयंत कुमार मलैया ने कहा कि कुछ व्यक्तित्व अपने कार्यों से समाज में स्थायी छाप छोड़ जाते हैं। एस.एन. मिश्रा ऐसे ही अधिकारी हैं, जिन्होंने जनसेवा को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्होंने उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका अनुभव आने वाले समय में समाज के लिए और अधिक उपयोगी सिद्ध होगा।
25 वर्षों बाद भी स्मृतियों में जीवंत:कलेक्टर कोचर
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि एस.एन. मिश्रा जैसे अधिकारी विरले होते हैं, जिन्हें जनता वर्षों बाद भी उसी आत्मीयता और सम्मान से याद करती है। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार गौतम द्वारा बताए गये एक दृष्टांत साझा करते हुए कहा कि मिश्रा सर के विदाई समारोह में जनसैलाब उमड़ पड़ा था और एक ट्रक भर फूल-मालाएँ जनता ने अर्पित की थीं। यह किसी भी शासकीय अधिकारी के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है।

पर्यावरण संरक्षण की पहल:कार्यक्रम का विशेष आकर्षण प्लास्टिक मुक्त व्यवस्था,पानी पीने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग
कार्यक्रम के दौरान पानी पीने के लिए तांबे के लोटे को उपयोग के लिए रखा गया,जो कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की अभिनव सोच का परिणाम है। इससे पूर्व भी दमयंती व्याख्यान माला के शुभारंभ पर एडिबल कप की पहल की गई थी। उपस्थितजनों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अनुकरणीय कदम बताया।कार्यक्रम में पूर्व विधायक अजय टंडन,भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे,भावसिंह मासाब,कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानक पटेल, वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र दुबे सहित अनेक गणमान्य नागरिक,अधिकारी- कर्मचारी,जनप्रतिनिधि एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र दुबे ने तथा आभार प्रदर्शन वरिष्ठ पत्रकार सुनील गौतम ने किया।
