200 से अधिक प्रतिभागियों ने की सहभागिता
हम फिल्म और पर्यटन के क्षेत्र में अपने बुंदेलखंड को आगे ले जाएंगे -संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी
यह एक बेहद मीनिंगफुल और सार्थक पहल है। ऐसे प्रयासों को आगे भी लगातार जारी रखा जाना चाहिए: अभिनेता गोविंद नामदेव
राज्यमंत्री ने प्रयास किया हैं और यह प्रयास और सकारात्मक
प्रयास होगा-अभिनेता मुकेश तिवारी
हमेशा छोटा बनकर सीखिये, क्योकि जैसे ही आप बड़े हो जाते है सीखना बंद हो जाता है-अभिनेता रघुवीर यादव
धीरज जॉनसन दमोह
बुन्देलखण्ड फ़िल्म फेडरेशन एवं मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में बुन्देलखण्ड क्षेत्र की कला, लोक संस्कृति, भाषा एवं सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय एवं अंर्तराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने “बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम” का आयोजन धर्मेंद्र सिंह लोधी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संस्कृति, पर्यटन ,धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग मध्यप्रदेश के मार्गदर्शन, संरक्षक इंजीनियर सत्येंद्र सिंह लोधी एवं बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम अध्यक्ष डॉ अखिलेश निगम के सानिध्य में हुआ।

जिले के विभिन्न स्थानों का भ्रमण
फेस्टिवल के पूर्व 7 से 9 जनवरी तक जिले के विभिन्न स्थानों का भ्रमण फिल्म लेखक, कलाकार, लाइन प्रोड्यूसर, तकनीकी टीम ने ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक एवं ग्रामीण क्षेत्रों का व्यापक दौरा स्थानीय निवासी धीरज जॉनसन के सहयोग से किया गया। इस दौरान टीम ने किले,मंदिर,पहाड़ी स्थानों सहित दूरस्थ अंचलों के ग्रामीण क्षेत्रों का अवलोकन किया और फिल्मांकन की संभावनाओं को परखा।भ्रमण के दौरान अभिनेता एवं लेखक आरिफ शहडोली, रजत दुबे (लाइन प्रोड्यूसर, इंदौर), पिंटू शर्मा (लाइन प्रोड्यूसर और अभिनेता जबलपुर), वसीम अली (लाइन प्रोड्यूसर, भोपाल), हर्ष दवे (लाइन प्रोड्यूसर, इंदौर) के साथ राइटर-डायरेक्टर नारायण चौहान, आसिफ मस्तान, नवीन जैन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। लाइन प्रोड्यूसर रजत दुबे ने कहा कि यह एक सराहनीय प्रथम प्रयास है। प्राथमिक स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर किया जाए तो यह क्षेत्र फिल्म फ्रेंडली बन सकता है। यहां का प्राकृतिक और ऐतिहासिक संग्रह काफी अच्छा है, जो फिल्म के लिए अनुकूल है।वहीं लाइन प्रोड्यूसर नारायण चौहान ने बताया कि लोकेशन बेहद आकर्षक हैं, आवश्यकता केवल आवागमन के साधनों को और सुदृढ़ करने की है। ट्रैवल सुविधा बेहतर है तो बड़े और छोटे दोनों स्तर के प्रोड्यूसर बिना अतिरिक्त बजट के यहां शूटिंग करने के लिए गंभीरता से विचार करेंगे।
इस अवसर पर पिंटू शर्मा एवं आरिफ शहडोली ने मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग, संस्कृति विभाग मंत्री, जिला प्रशासन एवं समन्वय समिति सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड फिल्म फेडरेशन की ओर से दमोह आना सार्थक अनुभव रहा। यह क्षेत्र कला और संस्कृति की नगरी है, जहां फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
समागम के पहले दिन मास्टर क्लास,कलामित्रों का परिचय, अभिनेता मुकेश तिवारी का पेनल डिस्कशन,इंट्रोडक्टरी फिल्म प्रदर्शन, लाइन प्रोड्यूसर के रेकी अनुभव,संस्कृति विभाग प्रतिनिधि द्वारा उद्बोधन,सेशन, अतिथियों को मोमेंटो स्मृति चिन्ह, अतिथि उद्बोधन,फिल्म प्रदर्शन,पटकथा, गीत लेखन इत्यादि हुआ।

संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने एक निजी पैलेस में बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026 को सम्बोधित करते हुए कहा हमारी बुंदेलखंड की यह पुण्य भूमि भारत के स्वाभिमान की भूमि है। बुंदेलखंड में जन्म लेने के कारण एक गौरव का अनुभव होता है । मैं देखता हूं बहुत सारे कलाकार ऐसे आए हैं जो बुंदेलखंडी में सीरीज भी बना रहे हैं, बहुत सारी कॉमेडी भी कर रहे हैं और वह देश-दुनिया में बड़ी पसंद की जा रही हैं। बुंदेलखंड के माध्यम से, बुंदेली फेस्टिवल के माध्यम से आने वाले समय में हम फिल्म और पर्यटन के क्षेत्र में अपने बुंदेलखंड को आगे ले जाएंगे।
संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा फिल्म फेस्टिवल आयोजित करने का काम किया है, साथियों हम सब जानते हैं कि जैसे भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री है, वैसे ही बुंदेली फिल्म इंडस्ट्री भी हो, बुंदेली में फिल्म बनें, बुंदेली के कलाकार देश-दुनिया में अपना नाम रोशन करें, इन सब बातों को लेकर यह पूरा आयोजन किया गया है।
राज्यमंत्री लोधी ने कहा किसी भी बात की शुरुआत होती है तो निश्चित रूप से उसका बीजारोपण होता है। हमारी यह भूमि रानी दुर्गावती की भूमि है, रानी अवंतीबाई की भूमि है, शंकर शाह रघुनाथ शाह जी की भूमि है, राजा हृदय शाह की भूमि है, लाला हरदौल की भूमि है, आल्हा ऊदल की भूमि है, तो ऐसे तमाम वीर इस धरती पर पैदा हुए हैं, जिन्होंने कहीं न कहीं देश समाज और राष्ट्र के लिए काम करने का काम किया है,। मध्यप्रदेश सरकार की फिल्म पर्यटन नीति को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से आयोजित “बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026” ने प्रथम चरण में प्रवेश किया।

सिने जगत के प्रख्यात अभिनेता मुकेश तिवारी ने कहा राज्यमंत्री ने प्रयास किया हैं और यह प्रयास और सकारात्मक प्रयास होगा। जहाँ तक बुंदेली कलाकारों के लिए है, तो वे स्वयं सक्षम बनें, भूमि तैयार की जा रही है। अभिनेता तिवारी ने कहा आप सभी को संबल दिया जा रहा है। हम अपना कंधा दे रहे हैं, पैर आपको अपने इस्तेमाल करने पड़ेंगे।” यह एक विचार का रोपण हैं। विचार कोई व्यक्ति को फायदा होगा, किसी व्यक्ति ने उसे दूसरे रूप में इंटरप्रियेट करेगा, अधि-निरूपित करेगा, त्वरित फायदा नहीं हो सकता, यह विचार का रोपण है, जहाँ हम आदान-प्रदान करेंगे, आपके विचार भी होंगे।अभिनेता तिवारी ने कहा राज्यमंत्री ने मध्य प्रदेश में जो आँकड़े दिए, आँकड़े नहीं हैं। मध्य प्रदेश में रघुबीर यादव हैं। उन्होंने कहा ‘पंचायत’ (वेब सीरीज) जब वे करते हैं, तो उन्हें अभिनय करने की ज़रूरत नहीं पड़ती हैं। यहाँ की भूमि उन्हें ऊर्जा और आत्मा देती है, तो उनको एक जीवंतता महसूस होती है। हम एक विचार लेकर आए हैं और उस विचार का पल्लवन (विस्तार) करने की जिम्मेदारी आप सबकी भी है।

अभिनेता रघुवीर यादव ने कहा मैं अपना फर्ज निभा रहा हूं और अब वक्त बर्बाद न किया जाये, जो सिलसिला शुरू हुआ उसे और आगे बढ़ाया जाये, क्योकि संस्कृति से ही देश, प्रांत, लोग, इंसान सब इसे ही पहचाने जाते है और हमारे कल्चर कि जो खूबसूरती है, उसे उभारें उसे बरकरार रखिये और उसे आगे बढ़ाइये, यह बस हमारी जिम्मेदारी नहीं है, आप सबकी जिम्मेदारी है, यह सिलसिला लगातार चलता रहे। उन्होने सभी से कहा हमेशा छोटा बनकर सीखिये, क्योकि जैसे ही आप बड़े हो जाते है सीखना बंद हो जाता है।
लाइन प्रोड्यूसर वसीम अली ने कहा हम कई सालों से मध्य प्रदेश में शूटिंग कर रहे ,हैं फिल्म बनाई है, दमोह में भी काफी संभावनाएं हैं, यहां अच्छा लगा, यहां फिल्म पर काम करेंगे, यहां का भौगोलिक परिवेश को जाना समझा अच्छा लगा।
सिद्धार्थ मलैया ने कार्यक्रम में मौजूद कलेक्टर सुधीर कोचर की तारीफ करते हुए कहा दमोह कलेक्टर की जितनी प्रशंसा की जाए कम है, बहुत अधिकारी काम इसलिए करते क्योंकि वह उनकी ड्यूटी है, लेकिन उनमें से एक दमोह कलेक्टर ऐसे भी हैं जो इसलिए भी काम करते क्योंकि उनके मन से निकलता है कि यह करना है। मलैया ने बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026 की प्रथम शुरूआत के लिये राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह को बधाई दी और कहा इस समागम से अनेक नये-नये कलाकार सामने आयेंगे।
अभिषेक भार्गव ने कहा कि यह स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा और उसमें सबसे सुंदर पन्ने में राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का नाम लिखा जाएगा। यह कोई छोटा मोटा कार्यक्रम नही है,राजनेताओ के कार्यक्रमो में भीड़ नापी जाती लेकिन यह ऐसा कार्यक्रम है, जिसका पैमाना भीड़ नही क्वालिटी है, आज का यह हमारा कार्यक्रम क्वालिटी का कार्यक्रम है। यह एक अद्भुत और अविश्वसनीय पहल आदरणीय धर्मेंद्र सिंह जी के द्वारा की गई है।

कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा सिनेमा जगत की सादगी का सही स्वरूप आज राज्यमंत्री ने दिखाया है। मेरा मानना है कि प्रशासन की दो भूमिकाएं होती हैं, एक इनेबलर (सुविधा प्रदाता) और एक रेगुलेटर (नियामक)। प्रदेश ने 2020 में मध्य प्रदेश राज्य फिल्म नीति बनाई थी। यदि आप इस फिल्म नीति को देखेंगे, तो इसके तीन मुख्य घटक हैं, अनुमति, अनुदान और अवसर। अवसर यह नीति हर फिल्म निर्माता को अवसर देती है, आप किसी भी जिले में जाएं, आपको एक स्वागत योग्य माहौल मिलेगा। अनुमति, एक सिंगल-विंडो सिस्टम (एकल खिड़की प्रणाली) स्थापित की गई है, आप ऑनलाइन आवेदन करते हैं और एक ही पोर्टल के माध्यम से सभी अनुमतियां प्राप्त करते हैं। अनुदान यदि आप यहाँ फिल्म का निर्माण या निर्देशन करते हैं, तो राज्य सरकार नियमों और पात्रता के अनुसार अनुदान प्रदान करती है।
कलेक्टर कोचर ने कहा मेरा मानना है कि फिल्म निर्माताओं को सुविधा देने में जिला प्रशासन बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर ने सभी को आश्वस्त किया कि दमोह जिले में आज जो बीज बोए गए हैं, वे बढ़ेंगे और फलेंगे-फूलेंगे, पूरा जिला प्रशासन दमोह जिले के विकास और फिल्म उद्योग के लिए, रोजगार, पर्यटन और आर्थिक समृद्धि को पारदर्शिता और सकारात्मक भावना के साथ बढ़ावा देने के लिए अपने अस्तित्व का हर क्षण समर्पित करेगा। उन्होंने कहा एक प्रशासक के रूप में भले ही दमोह जिले का निवासी नहीं हूँ, लेकिन मेरे जीवन का हर पल यहाँ बिताया गया, हर दिन इसके विकास के लिए समर्पित होगा।

बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026 के संरक्षक इंजी. सत्येन्द्र सिंह लोधी ने अपने सम्बोधन में कहा विगत 6 महीनों से इस विषय पर चर्चा की जा रही थी, की बुंदेलखंड में फिल्म इंडस्ट्री और कॉरिडोर को कैसे आगे लेकर जाएं। राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह का विजन था कि बुंदेलखंड में कैसे फ़िल्म कॉरिडोर को विकसित किया जाये, इस दिशा में यह एक छोटा सा प्रयास है, सभी के साथ मिलकर यह प्रयास किया है। बुंदेलखंड में फिल्मों और फेडरेशन को बढ़ाने आप सभी के सहयोग की जरूरत है हम सब लोग मिलकर आने वाले दो दिन में पूरा रोडमेप और विजन डॉक्यूमेंट् तैयार करेंगे और लक्ष्य तय करेंगे कि आने वाले 5 से 10 साल में बुंदेलखंड फ़िल्म इंडस्ट्री तैयार कर सकें।
बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026 का शुभारंभ संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, सिने जगत के प्रख्यात कलाकार मुकेश तिवारी, दीपू भार्गव, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और अन्य अतिथियों ने माँ सरस्वती के चित्र समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। संस्कृति राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह ने बाहर से आये कलाकारों का पुष्पगुच्छ एवं बुंदेलखण्ड फैस्टिवल के अंगोछे भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम उपरांत स्मृति चिन्ह भेंट किये। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फिल्मों के माध्यम से संस्कृति,सृजन और संवाद के उत्सव के साथ नवोदित कलाकारों फिल्मकारों को रचनात्मक ऊर्जा देना एवं बुंदेलखंड और दमोह को एक उभरते हुए फिल्म टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है । कार्यक्रम में लाइन प्रोड्यूसर वसीम अली द्वारा तैयार की गई एक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया जिसमें ओरछा से लेकर भेड़ाघाट और प्रदेश के अन्य स्थानों को दिखाया गया जिसमें बुंदेलखंड की धरती और दमोह के पर्यटन स्थलों बांदकपुर, झरौली, घंटाघर, मडियादो किला आदि का प्रदर्शन के साथ ही आदर्श ग्राम पड़रिया थोबन भी शामिल रहा।
इस अवसर पर संस्कृति, पर्यटन,धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, पूर्व विधायक प्रदुम्न सिंह (बड़ा मल्हरा), राम तिवारी पर्यटन विभाग भोपाल, फिल्म जगत और बॉलीवुड से अभिनेता मुकेश तिवारी, रघुवीर यादव, बुंदेलखंड फिल्म फेडरेशन अध्यक्ष डॉ अखिलेश निगम, मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय डायरेक्टर संजय श्रीवास्तव, बुंदेलखंड फिल्म फेडरेशन संरक्षक इंजीनियर सतेंद्र सिंह, वी. के. तिवारी, पदम सिंह, नारायण चौहान, आरिफ शहडोली, विनोद तिवारी, वंदना तिवारी, इश्तियाक खान,गीतिका वेदिका,अंकिता,प्रतीक्षा,नेहा,नीलम, रश्मि, भरत, निशांत कश्यप, रजनी मिश्रा, दीपक नायक, सौरभ शर्मा, योगेन्द्र योगी, रज्जू राजा, लाइन प्रोड्यूसर्स रजत दुबे, पिंटू शर्मा, वसीम अली, हर्ष दबे, सिद्धार्थ मलैया, अभिषेक भार्गव (दीपू भैया), लोकेन्द्र पटैल (लकी भैया), कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, एस डी एम आर एल बागरी, आयोजन समिति के पदाधिकारी साक्षी रहे।
बुंदेलखंड फिल्म फेस्टिवल समागम के दूसरे दिन अभिनेता गोविंद नामदेव की मास्टर क्लास,फिल्म प्रदर्शन,फिल्म प्रक्रिया, डिस्कशन,सर्टिफिकेट और मोमेंटो वितरण सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम हुआ।
प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि बुंदेलखण्ड फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से क्षेत्रीय सिनेमा को नई पहचान मिलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस फेस्टिवल में लगभग 10 फिल्म प्रोजेक्ट प्राप्त हुए हैं, यानी आने वाले समय में लगभग 10 फिल्में बुंदेलखंड में बनेगी। मुबंई सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये बहुत सारे फिल्म प्रोड्यूसर ने इस कार्यक्रम में घोषणा भी की बुंदेलखंड में वे लोग फ़िल्में बनाएंगे, बुंदेलखंड में बुंदेली भाषा में फिल्में बनेगी, यह पहला प्रयास है और पहले ही प्रयास में इतना अच्छा प्रतिसाद मिला हैं, तो आने वाले समय मे बेहतर रिजल्ट सामने आएगा। । उन्होंने कहा इस सफल आयोजन के लिए सभी पत्रकार बंधुओं का आभार, वास्तव में सकारात्मक पत्रकारिता यदि कहीं देखनी हो तो वह हमारे दमोह में देखने मिल सकती है, बुंदेलखंड फिल्म महोत्सव कार्यक्रम के लिए आप सभी का हृदय से धन्यवाद हैं। दूसरे दिवस के कार्यक्रम की शुरूआत माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और मार्ल्यापण से हुई।
राज्यमंत्री लोधी ने कहा बुंदेली फ़िल्म समागम का यह पहला प्रयास था, आज जो बीज बोया हैं वह तुरंत वटवृक्ष नहीं बन सकता लेकिन आने वाले समय में यह वटवृक्ष जरुर तैयार होगा, आने वाले समय मे बुंदेली फ़िल्म इंडस्ट्री जरूर स्थापित होगी ऐसा प्रयास हमने किया हैं। उन्होंने कहा बुंदेलखंड की भूमि का जो कर्ज हम सब पर है, इस प्रकार के प्रयासों से उसे चुकाने की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम हैं। । इस आयोजित कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड में आने वाले समय में बुंदेली फिल्म इंडस्ट्री को स्थापित करना हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाला समय बुंदेलखंड और बुंदेली फिल्म इंडस्ट्री के लिए स्वर्णिम युग साबित होगा।
राज्यमंत्री लोधी ने कहा बुंदेलखंड में प्रतिभा की कोई कमी नहीं हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अनेक कलाकार अपनी वेब सीरीज और रचनात्मक कार्य स्वयं प्रस्तुत कर रहे हैं, जो इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को दर्शाता हैं। बुंदेली भाषा एक मधुर, समृद्ध और गौरवशाली भाषा है और बुंदेलखंड का गौरव हम सभी के भीतर हैं।
उन्होंने कहा कल रखी गई मांगों पर त्वरित कार्रवाई शुरू हो चुकी हैं। मानस भवन के निर्माण को लेकर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर से चर्चा हो चुकी हैं। यह भवन नाट्य विद्या और रंगमंचीय प्रस्तुतियों के लिए विकसित किया जाएगा, जिसकी योजना पर कार्य भी प्रारंभ हो गया हैं। उन्होंने कहा कि यह तो केवल शुरुआत है, आने वाले समय में सरकार से बजट प्राप्त कर एक बड़े फिल्म स्टूडियो की स्थापना की जाएगी, जहां कलाकार अपनी नाट्य और अन्य कलाओं का प्रदर्शन कर सकेंगे।
प्रसिद्ध अभिनेता गोविंद नामदेव ने युवाओं और नए कलाकारों को सीखने की लगन बनाए रखने तथा खुद को सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं के साथ तुलना करने की सलाह देते हुए कहा अगर व्यक्ति अपने ही स्तर के लोगों से तुलना करता रहेगा तो वहीं ठहर जाएगा, लेकिन जब वह टॉप क्लास अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के काम को समझने और उसी स्तर की तैयारी करने का प्रयास करेगा, तभी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। इसी सोच के तहत उन्होंने कई नए प्रोजेक्ट्स में अपनी फीस और स्टेटस को भी एक तरफ रखकर काम करने की कोशिश की, ताकि अच्छे और सार्थक प्रयोग किए जा सकें। उन्होंने फिल्म निर्माण की चुनौतियों पर भी खुलकर बात की।
प्रसिद्ध अभिनेता नामदेव ने कहा प्रशासन इस दिशा में आगे आए और फिल्म निर्माण को लेकर ठोस सहयोग के कारण आसान अप्रूवल, आर्थिक सहायता और सब्सिडी जिससे नई कहानियों और नए कलाकारों को बड़ा मंच मिल सकता हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की पहल को लगातार जारी रखा जाए, तो आने वाले समय में फिल्म इंडस्ट्री में अपार संभावनाएँ बन सकती हैं।
उन्होने कहा कि वर्षो से हमने इस तरह का प्रयास पहले कभी नहीं देखा। यह एक बेहद मीनिंगफुल और सार्थक पहल है। ऐसे प्रयासों को आगे भी लगातार जारी रखा जाना चाहिए। यह आज की आने वाली पीढ़ी के लिए बेहद उपयोगी है और आगे बढ़ने के लिए प्रशासन की ओर से बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करता है।
बुन्देलखण्ड फिल्म फेस्टिवल एवं फिल्म पर्यटन समागम 2026 के संरक्षक इंजी. सत्येन्द्र सिंह लोधी ने कहा दमोह में बुंदेलखंड फ़िल्म फेस्टिवल एवं फ़िल्म पर्यटन समारोह पर अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 200 प्रतिभागी शामिल हुए, बुंदेलखंड की मिट्टी से जुड़े लोगों की प्रतिभागिता इसमें रही, काफी लोग मुम्बई से भी आकर शामिल हुए, कार्यक्रम में बहुत कुछ सीखने को मिला, आगामी विजन और रोडमैप को बनाने की तैयारी और चर्चा की गई है, आने वाले समय मे रूपरेखा तैयार की गई है, कलाकारों को मंच देने का काम किया है, सभी लोगो को एक दूसरे को जानने का मौका मिला यह फ़िल्म इंडस्ट्रीज के लिए एक सिस्टम तैयार होगा, यहॉ के लोगो को हर तरीके से रोजगार और टेलेंट दिखाने का अवसर मिलेगा, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यहॉ की संस्कृति को ले जा पाएंगे।

उन्होंने कहा बुंदेली फिल्मों का निर्माण होना जिले के लिए गौरव की बात है। इस दिशा में कार्य आज से ही प्रारंभ कर दिया गया हैं। दमोह कलेक्टर के साथ समन्वय स्थापित कर मानस भवन को आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू कर दिया गया है। श्री सिंह ने बताया कि पूर्व में मानस भवन में सामान्य आयोजन होते थे, लेकिन अब इसे पूर्ण रूप से ऑडिटोरियम के रूप में विकसित किया जाएगा। विकसित होने के बाद मानस भवन को बुंदेली फिल्म निर्माण की गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा। यहां बुंदेली फिल्मों के लिए स्क्रीनिंग, स्काउटिंग, कंटेंट क्रिएशन सहित प्रतिभागियों के लिए प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे स्थानीय कलाकारों और नवोदित प्रतिभाओं को बेहतर मंच, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलेगा तथा बुंदेली फिल्म उद्योग को नई दिशा प्राप्त होगी।
म.प्र नाट्य विद्यालय भोपाल के निदेशक संजय श्रीवास्तव ने कहा, यह आयोजन बुंदेली माटी हमाओ सिनेमा, हमाई बोली इस उद्देश्य को लेकर जो बुंदेली फ़िल्म फेस्टिवल और पर्यटन समागम आयोजित किया गया बहुत ही सार्थक उद्देश्य को लेकर यह मुहिम चालू हुई हैं और बीजारोपण आज हुआ है उसका पुष्प और वृक्ष पल्लवित हो और बुंदेली फ़िल्म इंडस्ट्रीज विशाल रूप ले और यहॉ की प्रतिभाएं विश्व पटल पर अपनी कला का प्रदर्शन कर बुंदेलखंड का नाम रोशन करे इसकी सफलता की शुभकामनाएं देता हूं।
सेंट्रल सर्किट सिने एसोसिएशन भुसावल के अध्यक्ष संजय सुराणा ने कहा, बुंदेलखण्ड कला संस्कृति मंच समिति, छतरपुर द्वारा बुंदेलखण्ड फिल्म फेस्टीवल का आयोजन बहुत शानदार तरीके से किया गया है, इसलिए सर्वप्रथम कार्यकारिणी अध्यक्ष व समिति को सेंट्रल सर्किट सिने एसोसिएशन भुसावल द्वारा बहुत-बहुत बधाई। स्थानीय कला, क्षेत्रीय संस्कृति को जीवंत करने का सफल कार्य इस फेस्टीवल द्वारा हुआ है। बुंदेलखण्ड कों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म जगत से जोडने एक यशस्वी प्रयास किया गया है। आयोजक इसके लिए सराहना के पात्र है। इसमें स्थानीय कलाकारों को मंच एवं रोजगार का अवसर उपलब्ध होगा। इस प्रयास से दमोह को फिल्म टूरिज्म के रूप में राष्ट्रीय पहचान प्राप्त होगी ऐसा मुझे विश्वास है। उन्होने कहा, शासन की मदद से सिनेमागृह उद्योग फिर से अपने स्वर्णीम दौर को प्राप्त कर सकता है और हमें उम्मीद है जल्द ही मध्यप्रदेश शासन द्वारा राहत पैकेज जारी किया जाएगा।
अभिनेता एवं प्रोड्यूसर नारायण चौहान ने कहा, मेरी पैदाइश जरूर कानपुर की है, लेकिन पला बढ़ा में बुंदेलखण्ड से ही हूँ, बुंदलेखण्ड में शूटिंग के लिए हर जगह लोकेशन हैं जहॉ कैमरा रख दो वहॉ लोकेशन मिल जाती है, बुंदेलखण्ड लोकेशन से भरा पड़ा है, बहुत सारी संभावना हैं। उन्होने कहा सिंगौरगढ का किला, नजारा पॉइट, स्मार्ट गॉव पड़रिया थोवन बहुत अच्छी लोकेशन हैं यहां पर बहुत अच्छी फिल्म शूटिंग को सकती हैं।
प्रतिभागियों और कलामित्रों का सम्मान
बुंदेलखंड फिल्म फेडरेशन द्वारा समागम के पहले फीचर फिल्म, शॉर्ट फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और रील (हमारे गांव आवं जू फिल्में बनाउ जू) प्रतियोगिता के लिए की गई थी, जिसमें जिसके परिणाम और पुरस्कार भी अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए
फीचर फिल्म के लिए शिवकुमार पाठक प्रथम, वीरेंद्र कुशवाहा द्वितीय और नितिन पटेरिया तृतीय स्थान पर रहे। शॉर्ट फिल्म में नितेश सिंघल प्रथम, राहुल पांडे द्वितीय और राहुल नामदेव तृतीय स्थान पर रहे। डॉक्यूमेंट्री में हर्षित मिश्रा प्रथम, आशीष तंतुवाय द्वितीय और आरिफ शहडोली तृतीय स्थान पर रहे वहीं रील (हमारे गांव आवं जू फिल्में बनाउ जू) प्रतियोगिता में धीरज जॉनसन प्रथम, हनी यादव द्वितीय और वीरेंद्र कहार तृतीय स्थान पर रहे। साथ ही कलामित्रों का भी सम्मान किया गया।

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेन्द्र सिंह लोधी, फिल्म जगत और बॉलीवुड के प्रसिद्व अभिनेता गोविंद नामदेव, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, विवेक शैन्डेय, फिल्म अभिनेता राजकुमार रैकवार, मासाब भाव सिंह लोधी, राम तिवारी पर्यटन विभाग भोपाल, गोपाल पटेल, बुंदेलखंड फिल्म फेडरेशन अध्यक्ष डॉ अखिलेश निगम, मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय डायरेक्टर संजय श्रीवास्तव, बुंदेलखंड फिल्म फेडरेशन संरक्षक इंजीनियर सतेंद्र सिंह, वी. के. तिवारी, पदम सिंह, नारायण चौहान, आरिफ शहडोली, विनोद तिवारी, वंदना तिवारी, भरत, निशांत कश्यप, रजनी मिश्रा, दीपक नायक, सौरभ शर्मा, नीतेश सिंघल, योगेन्द्र योगी, रज्जू राजा, लाइन प्रोड्यूसर्स रजत दुबे, पिंटू शर्मा, वसीम अली, हर्ष दबे, लोकेन्द्र पटैल (लकी भैया), शिवचरण पटेल, नरेन्द्र बजाज, संजय यादव, डाँ आलोक गौस्वामी, एसडीएम आर एल बागरी, प्रियंका निगम, डॉ दीपिका शर्मा,शरद सिंह,मोहन सिंह,वैभव खरे, अतुल मोहन अन्य सिनेमैटोग्राफर्स, बुंदेली अभियन से जुडे कलाकार और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, महिलाए, जनप्रतिनिधि-पंचायत प्रतिनिधि, मीडियाजन, आयोजन समिति के पदाधिकारी साक्षी रहे। कार्यक्रम का संचालन राजीव अयाची ने किया।