सैयद मसूद अली पटेल गैरतगंज रायसेन
जिले के गैरतगंज नगर के नंदनी नगर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिवस की बेला में कथा व्यास पंडित श्याम मूर्ति दास महाराज ने भक्ति की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब भक्त सच्ची श्रद्धा से पुकारता है, तो भगवान को आना ही पड़ता है, लेकिन इसके लिए मनुष्य को अपनी दसों इंद्रियों से ईश्वर को याद करना चाहिए।
महाराज जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को समझाते हुए कहा कि जीवन में समय रहते भक्ति प्रारंभ कर देनी चाहिए। यदि एक बार समय हाथ से निकल गया, तो वह दोबारा वापस नहीं आता। उन्होंने भक्त ध्रुव के चरित्र की कथा सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार एक बालक ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से ईश्वर को प्राप्त किया। साथ ही उन्होंने सचेत किया कि मनुष्य को अपने जीवन में कभी भी अभिमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि अहंकार भक्ति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है।

मां कर्मा की कथा और प्रभु को रिझाने के जतन
कथा के दौरान मां कर्मा की कथा का हृदयस्पर्शी वर्णन किया गया। महाराज जी ने कहा कि “भक्त के वश में हैं भगवान”। भक्त को नित्य नए-नए जतन और प्रेम भाव से प्रभु की सेवा करनी चाहिए, क्योंकि भक्त के प्रेम और जतन से भगवान जल्दी रीझ जाते हैं। नंदनी नगर में चल रही यह संगीतमयी कथा 7 जनवरी तक चलेगी। इस आयोजन के मुख्य यजमान रविन्द्र गौर एवं रजनी गौर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा में प्रतिदिन शामिल हो रहे है।कथा का आयोजक अष्ठ सखी महिला मंडल, नंदनी नगर द्वारा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक कराया जा रहा है। वही कथा स्थल पर आगामी 8 जनवरी को विशाल भंडारे और महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा।