Let’s travel together.

विश्व गीता प्रतिष्ठानम्  ने श्रीमद्भगवद्गीता को राष्ट्रग्रंथ घोषित करने  राष्ट्रपति के नाम राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल को दिया ज्ञापन

0 83

बरेली रायसेन। गीता जयंती महोत्सव पर विश्वगीता प्रतिष्ठानम् और मध्यप्रदेश शासन के संयुक्त तत्वाधान में अन्तर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव में श्रीमद्भगवद्गीता को भारतीय संविधान में राष्ट्रग्रन्थ के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए  मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री  नरेंद्र शिवाजी पटेल  को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन देने वालो में प्रमुख  रूप से  संरक्षक महंत श्री श्री 1008 मुक्तानंद जी शास्त्री (बापोली धाम वाले गुरु जी),  दामोदरदास त्यागी , समनापुर वाले गुरु जी, साध्वी  प्रज्ञा भारती , पं. दामोदर अवधनारायण तिवारी संयोजक , पंडित मनीष बबेले महामंत्री ,  राम नारायण शर्मा ,  कमल याज्ञबल्क ,स्वाध्यान प्रधान जामगढ़ ,  कमल शर्मा , पं. रोहित दुबे, व अन्य विद्वान गणों एवं छात्र-छात्राओं के साथ लगभग 300 लोग शामिल थे।

विश्व गीता प्रतिष्ठानम् रायसेनम् जिला संयोजक पं. दामोदर प्रसाद तिवारी ने गीता प्रतिष्ठान के लक्ष्य और उद्देश्यों को बताते हुए कहा कि हमारा गीता प्रतिष्ठान लगभग 28 वर्ष से संपूर्ण भारत में श्रीमद् भगवत गीता को घर-घर प्रचार कर रहा है। साथ में श्रीमद्भगवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ बनाने के लिए भारत देश को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए बच्चो को गीता ज्ञान के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल में गीता जी को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने के लिए एवं कई अन्य धार्मिक लक्ष्य एवं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए लगातार 28 वर्षों से घर-घर जाकर गीता का प्रचार कर रहे है।
अंतर्राष्ट्रीय सिद्ध स्थली जामगढ़ श्री कृष्ण चंद्र की ससुराल में संविधान में श्रीमद् भगवत गीता को राष्ट्र ग्रंथ बनाने के लिए ज्ञापन दे रहे हैं। क्योंकि गीता जी ही मात्र एक ऐसा शास्त्र है जिसको न्यायालय भी मान्यता प्राप्त एवम सभी शास्त्रों की स्वामिनी है।
भगवान श्री कृष्णचंद्र के मुख से स्वयं प्रकट हुई है गीता जी अति उत्तम शास्त्र है, श्रीमद्भागवत गीता मधुसूदन जनार्दन योगेश्वर श्रीकृष्ण के मुखारविंद से निकली हुई वाणी है। (वाणी अर्थात मां सरस्वती स्वयं है!) इसलिए  महामहिम राष्ट्रपति महोदय से  आग्रह  हैं कि श्रीमद्भगवत गीता को राष्ट्र ग्रंथ घोषित कर बच्चों के उज्जवल भविष्य एवं उनमें संस्कृत संस्कृति, संस्कार का उदय करने के लिए राष्ट्र ग्रंथ घोषित कर महान कृपा करें।
मंच आसीन गीता आचार्य राम नारायण शर्मा, पं. कमल याज्ञबल्क , पंडित कमल शर्मा , पंडित कृष्ण मुरारी , पं. मनीष बवेले शास्त्री, पंडित दामोदर अवधनारायण तिवारी, रोहित दुबे   एवम अन्य विद्वानों के साथ 300 भक्तों ने श्रीमद्भगवत गीता जी को राष्ट्रीय ग्रंथ बनाने के लिए सामूहिक ज्ञापन दिया एवं श्री कृष्ण चंद्र जी की निष्काम भक्ति अर्पित की।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

राइट क्लिक::सनातनी एकता पर गहरी चोट है यूपी का यह ‘सवर्ण-संघर्ष’…अजय बोकिल     |     डोंगरगढ़ में आयोजित आचार्य श्री के द्वितीय समाधि दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे शिवराजसिंह चौहान      |     गांव की बेटी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, गणतंत्र दिवस पर दिल्ली परेड में हुई शामिल     |     हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस, तिरंगे की शान में सजा ऐतिहासिक नगरी सांची     |     श्वेतांबर देवी, रामकृष्ण कुसमरिया पूर्व मंत्री, एवं अनिल चौरसिया मानस मंडल हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा में हुए शामिल     |     भोपाल विदिशा हाईवे 18 पर स्थित कुलहड़िया के समीप अज्ञात वाहन ने एक्टिवा सवार को मारी टक्कर एक की मौत एक गंभीर रूप से घायल     |     ग्रामीण अंचलों में भी गणतंत्र दिवस समारोहपूर्वक मनाया गया     |     गणतंत्र दिवस पर गोपाल राठौर सेवानिवृत सहायक महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक को सम्मानित किया     |     वन विभाग से मजदूरी नहीं मिली तो शहडोल के मजदूरों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर डाला डेरा     |     पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी रहे हड़ताल पर     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811