रिपोर्ट धीरज जॉनसन दमोह
जिले की हटा तहसील के ग्राम रनेह के ग्रामीण अपने ही गांव के जलस्रोतों की दुर्दशा से परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में दर्जन भर से अधिक तालाब – तलैया मौजूद हैं, लेकिन लंबे समय से इनकी नियमित सफाई न होने से हालात चिंताजनक बन गए हैं।
गांव के गडूआ, कचौरा, घुमनी, दुबेतालाब, सगरा, लमसर, उड़नू, सुगरुआ, ककरा, कुरयाउत तलैया और नादिया तालाब या तो गंदगी से पटे पड़े हैं या फिर उनमें खेती तक होने लगी है। कुछ तालाबों के पानी से दुर्गंध उठने लगी है, जिससे आसपास के रहवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के जिम्मेदार केवल खानापूर्ति तक सीमित हैं, जबकि समय पर सफाई हो तो जलसंकट भी कम हो सकता है और स्वच्छ जल उपलब्धता में सुधार आ सकता है। ग्रामीणों ने शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

इसी गांव में स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए एस आई) जबलपुर मंडल के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का प्राचीन दो मंजिला मढ़ा परिसर भी स्वच्छता के इंतजार में है। सादे पत्थरों से निर्मित 16 खंभों वाला यह ऐतिहासिक संरक्षित परिसर अपने चारों ओर सफाई की प्रतीक्षा करता दिखाई देता है। मढ़े के भीतर और बाहर गंदगी साफ देखी जा सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मढ़े के चारों ओर लगी फेंसिंग की जगह दीवार निर्माण और संरचना को मजबूती प्रदान करना आवश्यक है, जिससे ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।ग्रामीणों का कहना है कि तालाबों और ऐतिहासिक स्मारक की उपेक्षा चिंता का विषय है, उम्मीद है कि जरूरी कदम उठाए जाएंगे।