आलेख
अरुण पटेल
बिहार विधानसभा चुनाव में पहले चरण के मतदान के बाद चुनाव प्रचार अभियान अपने चरम पर पहुंच कर थम गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी आमने-सामने आ गये हैं और एक-दूसरे पर शाब्दिक हमला करने का कोई अवसर हाथ से नहीं जाने दे रहे हैं। मोदी का दावा है कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 65 प्रतिशत मतदान विपक्षी गठबंधन इंडिया के लिए 65 वोल्ट का झटका है तथा यहां हुए भारी मतदान से विपक्ष की नींद उड़ गई है। उन्होंने कहा कि मैंने चुनाव प्रचार की शुरुआत भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जन्मभूमि से की थी और बापू की कर्मभूमि पर खत्म कर रहा हूं। अब मैं बिहार में एनडीए सरकार के शपथ ग्रहण में आऊंगा। उल्लेखनीय है कि मोदी ने बिहार के अलग-अलग जिलों में 14 रैलियां और एक रोड-शो किया है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले इंडिया महागठबंधन पर तीखा हमला करते हुए मोदी ने कहा कि अगर यह गठबंधन सत्ता में आया तो जनता के सिर पर कट्टा रखकर हाथ ऊपर करने को कहेंगे। बिहार हैंड्स अप नहीं केवल र्स्टाटप चाहता है और यह केवल एनडीए ही दे सकता है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस महासचिव सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कटिहार, भागलपुर और पूर्णिया की चुनावी रैली में प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा शाब्दिक हमला करते हुए कहा है कि आज जो लड़ाई कांग्रेस भाजपा के खिलाफ लड़ रही है वही लड़ाई महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ी थी। उनका आरोप था कि पहले अंग्रेजों का साम्राज्य था उनकी तानाशाही थी और आज नरेन्द्र मोदी का साम्राज्य है और इनकी तानाशाही है। इस मिट्टी में आपके और हमारे पूर्वजों का खून है जो व्यर्थ नहीं जाना चाहिये, यह हमारी लड़ाई है। मोदी सरकार वही काम कर रही है जो अंग्रेज कर रहे थे कि जनता को दबाना और बांटना। वोट का अधिकार खतरे में है और भाजपा का राष्ट्रवाद झूठा है। चुनाव के समय ही उन्हें देश प्रेम याद आता है।

एसआईआर को लेकर कांग्रेस और भाजपा में तकरार
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एस.आई . आर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन मध्यप्रदेश में भी चालू करने के साथ ही कांग्रेस और भाजपा के बीच आपस में तकरार की स्थिति पैदा हो गयी है। एक ओर कांग्रेस का आरोप है कि इस बहाने 50 लाख नाम काटने की साजिश की जा रही है जबकि दूसरी ओर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विधायक हेमंत खंडेलवाल का कहना है कि नाम नहीं काटे जा रहे हैं, कांग्रेस केवल भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। एक संयुक्त प्रेस काफ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया है कि एसआईआर मतदाता सूची की सफाई नहीं बल्कि लोकतंत्र की सफाई का प्रयास है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े डेढ़ लाख कर्मचारियों को बीएलओ बनाया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का आरोप था कि चुनाव आयोग पर भाजपा का कब्जा हो चुका है और कांग्रेस ने हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक एसआईआर प्रभारी और नब्बे प्रतिशत बूथों पर बीएलओ-2 तैनात कर दिये हैं। इस प्रकार डेढ़ लाख कार्यकर्ता मतदाता सूची की निगरानी कर रहे हैं ताकि एक भी नाम न कटे। दिग्विजय सिंह का आरोप था कि इस बहाने नागरिकता प्रमाणपत्र मांगा जा रहा है जबकि यह दस्तावेज 99 प्रतिशत लोगों के पास नहीं है। हेमंत खंडेलवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि आरोप झूठ और भ्रम फैलाने वाले हैं तथा कांग्रेस एक बार फिर जनता के बीच झूठ और भ्रम फैलाने में लगी हुई है। कांग्रेस नेताओं द्वारा मतदाता के एसआईआर और नागरिकता को लेकर जो बयान दिये जा रहे हैं या आरोप लगाये जा रहे हैं वह पूरी तरह से तथ्यहीन और निराधार हैं।
और यह भी
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग के निर्देश पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के काम में शिक्षकों को लगाने को लेकर सरकार की घेराबंदी करते हुए कहा कि 65 हजार बीएलओ में 15 हजार से ज्यादा शिक्षक भी हैं और इनमें से हजारों तो ऐसे हैं जो स्कूलों में सिंगल टीचर का दायित्व निभा रहे हैं। राज्य में 6 हजार से ज्यादा ऐसे स्कूल हैं जो केवल एक या दो शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं ऐसे में पचास प्रतिशत स्कूलों के टीचर्स की ड्यूटी लगा दी गयी है इसलिए वहां पढ़ाई ठप हो जायेगी और स्कूलों में ताला लग जायेगा। इतना ही नहीं कई स्थानों पर प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य को ड्यूटी पर लगा दिया गया है ऐसे में स्कूलों का क्या होगा। दूसरी तरफ इस काम में बारहवीं क्लास को गणित और साइंस पढ़ाने वाले टीचर्स की भी ड्यूटी लगा दी गयी है जो नियमों के मुताबिक नहीं है। ये सभी लोग 7 फरवरी 2026 को इस काम से मुक्त होंगे और उसी दिन से मध्यप्रदेश में बोर्ड की परीक्षाएं आरंभ हो रही हैं। बोर्ड परीक्षा के तीन माह पहले शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी पर लगाना हजारों बच्चों के भविष्य से खिलावाड़ है।

-लेखक सुबह सवेरे के प्रबंध संपादक हैं
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