मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज के नए गुरुद्वारा और पुराने गुरुद्वारा में गुरु नानक देव की 556वीं जयंती बड़े हर्ष उल्लास और धूम से मनाई गई।गुरु नानक देव जी गुरुपर्व, जिसे गुरु नानक के प्रकाश उत्सव और गुरु नानक देव जी जयंती के रूप में भी जाना जाता है। सिखों के पहले गुरु के जन्म का उत्सव मनाया गया। सिख धर्म के संस्थापक और सबसे प्रसिद्ध गुरुओं में से एक हैं।

गुरुद्वारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कीर्तन दरबार में संगत ने गुरु वाणी का पाठ सुना। श्रद्धालुओं ने गुरु के बताए मार्ग पर चलने और सेवा भाव अपनाने का संकल्प लिया। पूरे दिन भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। देर शाम नए गुरुद्वारा में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया।

दीवानगंज में स्थित गुरुद्वारा 400 वर्ष पुराना गुरुद्वारा है। जहां पर प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों के भक्तगण सम्मिलित होते हैं। नए गुरुद्वारा पर लंगर का आयोजन किया जाता है जिसमें सभी भक्तगण लंगर के रूप में भोजन प्राप्त करते हैं।