रायसेन। 04 अक्टूबर को फरियादिया हसीना बी पति अकरम मेवाती उम्र 50 वर्ष निवासी हकीमखेड़ी द्वारा थाना देवनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 03 अक्टूबर 25 की रात लगभग 10 बजे जब वह अपने पुत्र आजम के साथ मोटरसाइकिल क्र. एमपी-एमएन-7636 (Bajaj CT 100) से ग्राम करारिया से हकीमखेड़ी लौट रही थी, तभी पीपलखेड़ी गांव स्थित एक प्राइवेट स्कूल के पास बोलेरो वाहन में सवार चार व्यक्तियों लुक्का, गुफरान, जुबेर और कुरवान सभी निवासी हकीमखेड़ी ने उन पर हमला कर दिया। फरियादिया के अनुसार, आरोपियों में से लुक्का ने कट्टे से फायर किया, जिससे गोली उनकी दाहिनी भुजा में लगी।
इस सूचना पर डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुँचकर घायल को जिला अस्पताल रायसेन पहुँचाया गया तथा फरियादिया की रिपोर्ट पर थाना देवनगर में अपराध क्र. xx/25 धारा 109(3), 5 बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
जांच एवं खुलासा
अपराध की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रायसेन पंकज कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे एवं एसडीओपी आलोक श्रीवास्तव के निर्देशन में थाना देवनगर पुलिस टीम द्वारा तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने खालिद पिता भूरा खां (उम्र 24 वर्ष, निवासी करारिया) तथा जैद पिता बिलाल खां (उम्र 23 वर्ष, निवासी सतपाड़ा, जिला विदिशा) को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि अकरम मेवाती ने अपने भांजे खालिद और जैद को बुलाकर साजिश के तहत फर्जी गोलीकांड की योजना बनाई थी। अकरम मेवाती, मुख्तार मेवाती, शकीला बी एवं अन्य ने मिलकर यह षड्यंत्र रचा था ताकि पूर्व में दर्ज प्रकरण (अपराध क्र. 493/25, थाना कोतवाली रायसेन) में लुकमान उर्फ लुक्का पर दबाव बनाकर समझौता करवाया जा सके। इसके लिए अकरम ने अपनी ही पत्नी हसीना बी पर गोली चलाकर घटना को असली दिखाने का प्रयास किया। जांच में यह भी सामने आया कि गोलीकांड के बाद हसीना बी एवं उसका पुत्र आजम जिला अस्पताल रायसेन से उपचार के दौरान रात में ही फरार हो गए। साथ ही अकरम मेवाती, मुख्तार मेवाती एवं शकीला बी भी घटना के बाद से फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
फर्जी गोलीकांड में शामिल आरोपी
खालिद पिता भूरा खां (उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम करारिया)
जैद पिता बिलाल खां (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम सतपाड़ा, जिला विदिशा)
को गिरफ्तार कर न्यायालय रायसेन में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेजा गया है। अन्य 3 आरोपियों की गिरफ्तारी होना शेष है।
घटना का वास्तविक कारण
24 अगस्त को लुकमान उर्फ लुक्का निवासी हकीमखेड़ी द्वारा थाना कोतवाली रायसेन में अकरम खां, आरिफ खां एवं मुख्तार खां के विरुद्ध मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उक्त प्रकरण में समझौता न होने पर अकरम मेवाती ने अपनी पत्नी पर गोली चलाकर झूठा हमला दिखाया और प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने के उद्देश्य से झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस टीम का योगदान
फर्जी गोलीकांड का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी उनि. हरिओम अस्ताया, चौकी प्रभारी नकतरा सउनि. रामचरण परते, सउनि. सतीश जालवान, प्र.आर. संजीव धाकड़, प्र.आर. सुदीश गौर, प्र.आर. हरनाम, आर. दीपक बैरागी, आर. सौरभ रघुवंशी, आर. सोनू कुमार, आर. ओम डिमोले, आर. राजू अहिरवार, एवं आर. संजय शक्य की सराहनीय भूमिका रही।