विजय सिंह राठौर रायसेन
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश के बाद आखिरकार नेशनल हाईवे 146 कानपुर भोपाल इकोनामी एक्सप्रेसवे के रायसेन से भोपाल के बीच के फेस का काम शुरू हो गया हैं। लेकिन इस रोड निर्माण कार्य के सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण ओर अधिग्रहण की गई निजी भूमि पर से लोगो को हटाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया हैं।

पहले ही दिन रायसेन बायपास रोड पर जमीन का चिन्हांकन करने आई एनएचएआई ओर निर्माण एजेंसी को खाली हाथ लौटना पड़ा। वह फार्मेलटी के लिए सड़क के दोनों ओर मशीन से झाड़ियों को सफाई करके वापस चली गईं। इधर अतिक्रमणकारियो के हौसले इतने बुलंद हैं कि बड़ी संख्या में एकत्रित होकर निर्माण एजेंसी के लोगों के कार्य मे बाधा डालने पहुँच गए। ऐसे में सवाल यही है कि कुछ जगहों को छोड़कर अधिग्रहित भूमि का मुआवजा मिलने के बाद भी लोग जमीन से कब्जा नही छोड रहे हैं। वही हद तो यहां तक देखने को मिली जहाँ शासकीय भूमि एवं शासकीय गोहे तक कुछ लोग खेती कर रहे है। ओर कब्जा छोड़ने को तैयार नही हो रहे।

ऐसे में स्थानीय प्रशासन के सामने सड़क एजेंसी को जमीन खाली कराने की बड़ी चुनौती सामने है। आज विवाद की स्थिति बनने के बाद शहर पटवारी ओर कुछ पुलिस कर्मी भी मौके पर पहुचे लेकिन सही कॉर्डिनेशन नही होने के कारण नतीजा कुछ नही निकल पाया। यहां देखना दिलचस्प हुआ कि परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत यह सड़क 2027 तक पूरी होने के घोषणा अब एनएचएआई ओर प्रशासन कैसे तय समय पूरी करा पायेगा।