नगर परिषद सिलवानी में हंगामा प्रभारी सीएमओ करते हे गाली गालोंच, कर्मचारियों ने रैली निकाल तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
– कर्मचारियों ने कहा कार्रवाई नहीं हुई तो कामबंद कर हड़ताल पर चले जायेंगे कर्मचारी
सिलवानी रायसेन।नगर परिषद सिलवानी में शुक्रवार को माहौल गरम हो गया। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने प्रभारी सीएमओ ऋषिकांत यादव के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नगर परिषद से पैदल रैली निकाली और नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे। यहां तहसीलदार सुधीर शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर सीएमओ के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों ने दो टूक कहा कि यदि सीएमओ को हटाया नहीं गया तो वे कामकाज बंद कर तालाबंदी पर उतर जाएंगे।

कर्मचारियों का आरोप है कि प्रभारी सीएमओ मामूली देरी पर गैर हाजिर दर्ज कर परेशान करते हैं जबकि खुद अक्सर देर सेह दफ्तर पहुंचते हैं। सुबह 10 बजे के बाद हाजिरी रजिस्टर छिपा दिया जाता है और कर्मचारियों को जानबूझकर गैरहाजिर दिखा दिया जाता है। इतना ही नहीं सीएमओ कर्मचारियों से गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हैं। कई बार उन्हें दो कौड़ी का कहकर अपमानित किया गया।
भ्रष्टाचार के आरोप और लंबित जांच
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि ऋषिकांत यादव पर पहले भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग चुके हैं। इसी कारण उन्हें करीब दो साल तक निलंबित रहना पड़ा था। वर्तमान में भी उनके खिलाफ जांच लंबित है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि हाई कोर्ट और कलेक्टर रायसेन के आदेश के बावजूद एक साल का एरियर भुगतान अब तक नहीं हुआ। इससे वे आर्थिक संकट झेल रहे हैं और परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।

कर्मचारियों का अल्टीमेटम
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि प्रभारी सीएमओ का तत्काल सिलवानी से स्थानांतरण नहीं किया गया तो वे कार्य बहिष्कार कर देंगे। हम कामकाज रोक देंगे और नगर परिषद की सभी व्यवस्थाएं ठप हो जाएंगी इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी कर्मचारियों ने साफ कहा।
इनको नाम भेजी है ज्ञापन की प्रतिलिपि
कर्मचारियों ने ज्ञापन की प्रतियां पूर्व मंत्री रामपाल सिंह आयुक्त नगरीय प्रशासन, परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण,एसडीएम सिलवानी और नगर परिषद अध्यक्ष को भी भेजीं। इससे अब मामले में राजनीतिक हलचल तेज होने के आसार हैं। सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह तक यदि कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो कर्मचारी आंदोलन और तेज कर सकते हैं।