– महासंघ ने किया स्वागत पर उठाए महत्वपूर्ण सवाल,ध्यान दे सरकार
भोपाल। मंत्रालय स्थित प्रतिकक्ष में उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय गतिविधियों एवं कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विशेष रूप से फॉलन आउट अतिथि विद्वानों के प्रकरणों पर विचार किया गया। जिन अतिथि विद्वानों को मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापकों की पदस्थापना अथवा स्थानांतरण से प्रभावित होना पड़ा है, उन्हें पृथक से चॉइस फिलिंग का अंतिम अवसर प्रदान करने के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार, सार्थक पोर्टल पर अनाधिकृत उपस्थिति दर्ज कराने वाले अतिथि विद्वानों के प्रकरणों को भी, भविष्य में पुनरावृत्ति न होने की प्रतिबद्धता के साथ, शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।साथ ही, उच्च शिक्षा मंत्री ने लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी विभागीय अधिकारियों को दिए।
अतिथि विद्वान महासंघ की प्रतिक्रिया
अतिथि विद्वान महासंघ ने फॉलन आउट अतिथि विद्वानों को पृथक से चॉइस फिलिंग कराने और सार्थक पोर्टल में हुई तकनीकी त्रुटियों के निराकरण के निर्णय का स्वागत किया है।किंतु महासंघ का मानना है कि यह कदम आंशिक समाधान है।
महासंघ ने कहा कि –
जब तक पूर्व से कार्यरत अतिथि विद्वानों का अलग कैडर नहीं बनाया जाता,तब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है।स्थाइत्व/समायोजन से ही विद्वानों का भविष्य सुरक्षित होगा।
– डॉ आशीष पाण्डेय,मीडिया प्रभारी महासंघ
शीघ्र ही लोक सेवा आयोग से चयनित सहायक प्राध्यापकों की नियुक्तियां होंगी, जिससे पुनः बड़ी संख्या में अतिथि विद्वान सेवा से बाहर हो जाएंगे।फालेन आउट सिस्टम बंद करना चाहिए।स्थाइत्व दे सरकार।
– डॉ जे पी एस चौहान,महासचिव महासंघ
यह स्थिति वर्षों से कार्यरत अनुभवी अतिथि विद्वानों के साथ अन्यायपूर्ण है,क्योंकि उन्हें नए अभ्यर्थियों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है।अतिथि विद्वानों की नई भर्ती होने से पहले कार्यरत विद्वानों क़ो उन्ही पदों में समायोजन कर फिक्स मासिक वेतन दें तब बात बने।
– डॉ अविनाश मिश्र,उपाध्यक्ष महासंघ