रायसेन। जिले के देवरी तहसील के ग्राम केकड़ा निवासी कल्ला रजक मूंग की राशि का भुगतान नही होने के चलते रायसेन कलेक्टरेट परिषर में पैड पर चढ़कर गले मे गमछा बांध फाँसी लगाने की कोशिश की । आधे घंटे तक चलता रहा ड्रामा । कलेक्टरेट के अधिकारियों की समझाईश के बाद नीचे उतारा । कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने DMO कल्याण सिंह ठाकुर को तत्काल प्रभाव से भुगतान का आदेश दिया हैं ।

उल्लेखनीय हे कि किसान कल्ला रजक प्रत्येक मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में अपनी शिकायत करने पहुंचा था। रायसेन जिले के देवरी तहसील के केकड़ा निवासी कल्ला रजक सहित 10 किसानों मूग का भुगतान नही होने पर जिला कलेक्टरेट परिषर में पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाकर की कोशिश की गई । अधिकारियों के समझाने पर किसान नीचे उतरा । मामला है रेवा वेयर हाउस देवरी का मामला है जहां 10 किसानों का 229 क्विटल मूग खरीदी के भुगातन का मामला है कलेक्टर ने DMO कल्याण सिंह ठाकुर को तत्कार प्रभाव से भुगतान करने का आदेश दिया है । किसान की स्वयं की मूग का भुगतान 40 क्विटल का नही हुआ है ।

तुलाई के बाद ऑनलाइन दर्ज नहीं हुई जानकारी, अटका मूंग का भुगतान
देवरी में मूंग उपार्जन को लेकर किसानों को काफी परेशानी हुई। लंबी लाइनों में कहीं 7 दिन तो कहीं 10 दिन तक किसानों ने अपनी मूंग समर्थन मूल्य केंद्रों पर तुलवाई। लेकिन कई किसानों के सामने नया संकट खड़ा हो गया। स्लॉट बुकिंग के बाद करीब 7 दिन की तय अवधि में किसानों को मूंग तुलवानी होती है। इतने दिनों तक किसान किराए के ट्रैक्टर और मजदूर लेकर लाइनों में लगे रहे। किसी ने 15 तो किसी ने 20 हजार रुपए इन पर खर्च कर दिए। जैसे-तैसे परेशान होकर मूंग तुलवा भी दी तो पोर्टल पर दर्ज न कर हाथ से बनाई पर्ची किसानों को थमा दी गई और कहा गया कि सर्वर डाउन होने से अगले दिन ऑनलाइन तौल दर्ज कर देंगे। कहीं स्लॉट की अवधि लाइनों में ही खत्म हो गई, तो किसान बाद में मूंग तुलवा पाए। इन कारणों से किसानों का भुगतान अब अधर में अटक गया है। अकेले देवरी में मां रेवा वेयर हाउस पर ऐसे 10 किसान हैं, जिनकी 229 क्विंटल मूंग इसी तरह तुलाई के बावजूद फंसी हुई है। यदि यही मूंग कृषि उपज मंडियों में बेचना पड़ी तो प्रति क्विंटल 3 से साढ़े 3 हजार रुपए का नुकसान उठाना पड़ सकता है। देवरी क्षेत्र के रोड़ा गांव निवासी किसान कुसुमलता जैन और सीलचंद्र जैन की 43 क्विंटल मूंग मां रेवा वेयर हाउस पर बनाए गए उपार्जन केंद्र पर तुलवाई। इस दौरान उन्हें उपार्जन केंद्र से कच्ची पर्ची दे दी गई। कहा गया कि सर्वर डाउन है, कल आपकी मूंग की मात्रा ऑनलाइन दर्ज कर देंगे। इसी तरह जिले भर में कई किसान हैं, जिनकी मूंग की तुलाई होने के बाद अब वापस की जाने की संभावना बनने लगी है।

31683 किसानों की तुली मूंग
जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग तुलवाने के लिए 35887 किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 59 केंद्रों पर 35345 स्लॉट बुक किए गए थे। जिले में 106616 मेट्रिक टन मूंग उपार्जन केंद्रों पर तुली है। भुगतान के लिए 656.52 करोड़ रुपए के ईपीओ जारी हो गए हैं। इनमें से किसानों के खाते में 549.60 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।
इन किसानों की मूंग तुली पर भुगतान में दिक्कत
किसान-गांव-मूंग की क्विंटल में देवेंद्रसिंह रघुवंशी, करहैया, 7.50 क्विंटल उर्मिला रघुवंशी, करहैया, 29 क्विंटल कुसुमलता जैन, रोड़ा, 11 क्विंटल सीलचंद्र जैन, रोड़ा, 32 क्विंटल मोहनसिंह, गोरखपुर, 5 क्विंटल योगेश मालपानी, केकड़ा, 40 क्विंटल गोविंद, थाला, 38 क्विंटल ललता प्रसाद, कानीवाड़ा, 37 क्विंटल सुनील लोधी, बींझा, 10 क्विंटल जमना प्रसाद धाकड़, गहलावन, 20 क्विंटल