सुरेंद्र जैन धरसीवां
पंद्रह अगस्त को एक ओर जहां सारा देश आजादी की 79वीं सालगिरह का जश्न मना रहा है तो वहीं धरसीवा के सिलतरा का शमशान घाट अपनी आजादी के इंतजार में है और ग्रामीण उसकी आजादी के लिए आमरण अनशन कर रहे हैं.दरअसल ग्राम पंचायत सिलतरा में गांव से टाडा गांव जाने वाले रास्ते में शमशान घाट है जहां मृत्यु उपरांत मृत शरीरों का अंतिम संस्कार भी

होता है और दफनाया यानी जमी के अंदर गढ़ाया भी जाता है लेकिन उस शमशान घांट पर अब टावर खड़ा हो रहा जो नींव से लेकर जमी से करीब ढाई तीन फीट तक बन चुका है बस टावर खड़ा होना था कि ग्रामीणों को भनक लग गई ओर वह सरपंच के पास गए सरपंच ने कहा उन्हें नहीं पता कौन लगवा रहा इसके बाद ग्रामीणों ने शमशान घाट की आजादी की मांग को लेकर वहीं पर आमरण अनशन शुरू कर दिया।