देवेंद्र तिवारी सांची, रायसेन
सांची देश की पहली सोलर सिटी बनने का गौरव प्राप्त हुआ था ।बडे जोर शोर से इसके उद्घाटन को लेकर प्रधानमंत्री द्वारा किए जाने के कयास भी खूब लगाये गए थे परन्तु प्रधानमंत्री द्वारा तो इसका उद्घाटन नहीं हो सका वरन इस सोलर सिटी का सोलर पावर प्लांट द्वारा आननफानन मे करोड़ों रुपये फूंक कर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उद्घाटन करा लिया गया ।अब इस सोलर सिटी बनने का इस स्थल कै केवल नाम ही रह गया ।सोलर से रोशन होने वाले खंबे प्लेटें गायब हो चुके अथवा सडकों किनारे आडे दिखाई देने लगे है इनकी चिंता करने वाला कोई दिखाई नहीं देता।

जानकारी के अनुसार यह स्थल एक प्राचीन धरोहरों को सहेजने वाला स्थल कहलाता है इसके साथ ही इस स्थल को एक पवित्र बौद्ध स्थल के रूप में भी जाना जाता हैं इस स्थल का नाम विश्व के कौने कोने में पहुचाने के उद्देश्य से इसके ऐतिहासिक स्मारकों के चिंह भारत सरकार द्वारा दौसो के नोट पर भी अंकित कर दिये ।इस ऐतिहासिक स्थल की छवि प्रधानमंत्री की दृष्टि में आते ही सरकार ने इस स्थल को देश की पहली सोलर सिटी बनाने की कवायद शुरू कर दी ।तथा इस स्थल को देश की पहली सोलर सिटी बनाने का गौरव दिला दिया ।इस सोलर सिटी बनाने की कवायद में सोलर पावर प्लांट ने अपनी गतिविधि तेज करते हुए इस पर करोड़ों रुपए सरकार के फूंक दिए ।एवं आननफानन मे इसका उद्घाटन कराने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा किए जाने की खूब चर्चा चल पडी परन्तु इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा तो नहीं हो सका तब तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा स्तूप परिसर से वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा किया गया ।तथा तभी सोलर प्लांट कंपनी ने क्षेत्र भर मे सोलर से नगर को रोशन करने की कवायद तेज कर दी ।उद्घाटन होने के कुछ समय तक तो यह क्षेत्र रोशन होने लगा तब लोगों को लगा अब यह क्षेत्र सोलर लाइट से हमेशा रौशन होगा परन्तु उद्घाटन होने के बाद से ही सौलर प्लांट द्वारा अपना पीछा छुडाना शुरू कर दिया करोड़ों रुपये की राशि में पलीता लगाकर लापरवाह होते ही अनेक स्थानों पर लगाएं गए सोलर खंबे गायब हो गए तथा सोलर पैनल लाइट भी तहसनहस हो गई तथा नगर भर मे लगाये खंबों की बलि चढ गई रोशनी अंधेरे में तब्दील हो गई ।

अनेक खंबे चोरी चले गए परन्तु सोलर पैनल प्लांट को सुध लेने की फुरसत नहीं मिल सकी ।जो खंबे बाकी रहे थे वह या तो चोरी होने का इंतजार कर रहे है अथवा जमीन पर प्लेट सहित आडे दिखाई दे रहे है तब यह नगर पूरी तरह अंधेरे की जकडन मे समा गया ।इस स्थल को देश की पहली सोलर सिटी का गौरव मात्र कागजी दिखावा साबित हुआ ।इस सोलर पैनल प्लांट ऐजेंसी भी बेखबर बन कर रह गई इतना ही नहीं सौर ऊर्जा विभाग को भी इसकी सुध लेने की फुरसत नहीं रही ।इस सरकारी संपत्ति बर्बाद होते प्रशासन मैं बैठे जिम्मेदार चुप्पी साधे देखते रहे ।तब आसानी से इस सोलर पावर प्लांट द्वारा सौलर सिटी का अब सपना बनकर रह गया ।हालांकि बताया जाता हैं कि अनेक बार इस सौर ऊर्जा से जगमगाते नगर को बाहरी टीम आकर अपना संतोष व्यक्त कर चलते बनी तब कहीं न कहीं सरकार के करोड़ों रुपये का चूना लगाने की इन दिनों चरचाये तेजी से चलने लगी है ।इस सोलर पैनल प्लांट के नाम पर नागौरी की पहाड़ी पर भी काबिज होकर अपनी खानापूर्ति को अन्जाम देने की कवायद में जुटे रहे ।इस मामले में प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों ने भी चुप्पी साध रखी है नागरिकों ने इस तमाम मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है ।