शरद शर्मा बेगमगंज, रायसेन
नगर सहित क्षेत्र में एक कहावत चरितार्थ हो रही है – गरीबी में गीला आंटा। 48 घण्टे की बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। वहीं गरीबों के आशियाने भरभराकर या तो गिर गए या फिर दीवारें , छप्पन गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब डेढ़ सौ आवेदन नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र से प्राप्त हो चुके हैं । जिनमें घर गिरने अथवा क्षतिग्रस्त होने के कारण आर्थिक सहायता दिए जाने की गुहार लगाई गई है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार सर्वे कराकर उन्हें क्षतिपूर्ति देने की बात करते हुए तहसीलदार प्रमोद उइके ने बताया अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों का आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित क्षेत्र के पटवारी से सर्वे कराए जाने के उपरांत उन्हें नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी ।
क्षेत्र में दो दिन के बाद आज कुछ देर के लिए राहत तो मिली लेकिन बारिश का दौर जारी है।नगर की निचली बस्तियां जलमग्न हो गई। कई गरीबों के आशियाने धराशायी हो गए तो कई के क्षतिग्रस्त ।

जलजमाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
अतिवृष्टि से नगर के सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र वार्ड क्र. 1 माला फाटक जगदीश मंदिर के पास मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश से गरीब मजदूर रामलाल रैकवार का घर भरभराकर गिर गया। जिससे उन्हें 70 हजार के नुकसान होने का आंकलन किया गया है। वहीं थोड़ी दूर पर किशोरी लाल रैकवार के घर का एक हिस्सा गिरने से करीब 50 हजार का नुकसान हुआ है।
दोनों पीड़ितों के आवेदन पर कस्बा पटवारी मनोज आठ्या द्वारा जांच प्रतिवेदन दिया जा रहा है।इसके अतिरिक्त प्राप्त आवेदनों पर भी तेजी से सर्वे कराते हुए आर्थिक सहायता दिए जाने के लिए तहसीलदार एवं एसडीओ राजस्व को पटवारियों द्वारा रिपोर्ट दिए जाने की बात की जा रही है ।