बालमपुर से 75 तो सेमरा से 70 कांवरिया नर्मदा घाट होशंगाबाद से जल लाकर गांव के मंदिरों में करेंगे जल अभिषेक
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सावन के महीने में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व बताया गया है। कांवड़िए अपने घर से गंगा या अन्य पवित्र नदी से जल लेने के लिए निकलते हैं और इसी जल को लाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। सावन में कांवड़ यात्रा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इसी उद्देश्य को लेकर रोज भोपाल विदिशा हाईवे 18 से कावड़ यात्राएं निकाल रही है।

बालमपुर से 75 कांवरिया गुरुवार को जल लेने के लिए नर्मदा घाट पहुंचे थे। वह से कावड़ पर जल लेकर पैदल चलते हुए बालमपुर के कांवरिया सोमवार को प्रसिद्ध गीदगढ़ गुफा पर स्थित शिवजी, सिद्ध बाबा सहित सभी देवी देवताओं पर जल का अभिषेक कर अपनी यात्रा समाप्त करेंगे।
वही ग्राम सेमरा से 70 कांवरिया शुक्रवार को नर्मदा के बुधनी घाट होशंगाबाद जल लेने के लिए पहुंचे थे वह से पैदल चलते हुए सोमवार को कांवरिया सेमरा पहुंचकर गायत्री मंदिर, खेड़ापति हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों पर स्थित शिव जी का जल अभिषेक कर अपनी यात्रा का समर्पण करेंगे। पूरे रास्ते भर कांवरिया बम बम भोले, जय जय भोलेनाथ डीजे ढोल नगाड़े के साथ जयकारे लगाते हुए चले आ रहे हैं।