शरद शर्मा बेगमगंज, रायसेन
क्षेत्र के जनस्वास्थ्य रक्षकों द्वारा उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं में लेने संबधी मांगों को स्वीकृत कराने के लिए क्षेत्रीय विधायक देवेंद्र पटेल से सहयोग मांगते हुए आज रविवार को संबंधित मांगों के संबंध में उनके निवास स्थान पर पहुंचकर उन्हें ज्ञापन दिया।
मप्र जनस्वास्थ्य रक्षक संगठन के द्वारा दिए गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश के 51953 शिक्षित बेरोजगारों को 1995 से 2003 तक मप्र लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जनस्वास्थ्य रक्षक के रूप में स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा महीनों का प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित कराया गया था लेकिन सरकार बदलने के बाद से जनस्वास्थ्य रक्षकों की सेवाओं पर वर्तमान सरकार ध्यान नहीं दे रही।
जिस काम के लिए उन्हें प्रशिक्षित किया गया था वह काम उनसे नहीं लिया जा रहा है। आज भी वह लोग बेरोजगार हैं। जनस्वास्थ्य रक्षकों ने अपनी मांगों में आशा कार्यकर्ताओं के समान ग्रामीण आरोग्य केंद्रों पर पुरुषों के प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ मित्र के रूप में उन्हें पदस्थ किया जाने की मांग की है ताकि ग्रामीण अंचल के दूरस्थ गांवों में भी प्रशिक्षित जनस्वास्थ्य रक्षकों से उन्हें प्राथमिक उपचार की सुविधा मिल सके जोकि उनके जीवन के लिए नितांत आवश्यक होती है।
कोविड़-19 के समय जनस्वास्थ्य रक्षकों द्वारा अपनी जान जोखिम में डालकर जिस प्रकार मरीजों की मदद की थी वह उल्लेखनीय है । ऐसी ही विषम परिस्थितियों के लिए जनस्वास्थ्य रक्षक सदैव तत्पर रहते हैं।
प्रांतीय संगठन द्वारा पूरे मध्य प्रदेश में संबंधित क्षेत्र के जनस्वास्थ्य रक्षकों के माध्यम से उसे क्षेत्र के विधायक एवं सांसदों को उपरोक्त ज्ञापन देकर मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया डॉ. मोहन यादव पर दबाव बनाकर ग्रामीण अंचल में गांव-गांव स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जनस्वास्थ्य रक्षकों को स्वास्थ्य मित्र के रूप में पदस्थ कराए जाने की मांग रखी गई है।
इसी संदर्भ में सभी जगह सांसदों एवं विधायकों को जनस्वास्थ्य रक्षकों द्वारा ज्ञापन दिए जा रहे हैं।