– 250 किलोमीटर की पदयात्रा कर करेंगे बाबा महाकाल का अभिषेक
– अपने कावड़ में नदियों का जल लेकर निकल रहे है कई कावड़िया हाईवे से
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सावन के महीने में भोपाल विदिशा हाईवे से कई कांवड़िये कई किलोमीटर पैदल चलकर अलग-अलग नदियों से जल लाते हैं और उसे भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। यह कांवड़ यात्रा सावन के महीने में ही होती है, जब भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पवित्र जल से उनका अभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा एक धार्मिक यात्रा है जो सावन के महीने में होती है। भक्त अलग-अलग नदियों से जल भरकर लाते हैं और उसे अपने क्षेत्र के शिव मंदिर में चढ़ाते हैं। यह जल आमतौर पर हरिद्वार, गंगोत्री , नर्मदा, पार्वती, बेतवा चनातीरथ विदिशा, तापती जैसी नदियों का जल अपने कावड़ में भरकर अपने क्षेत्र के मंदिरों में शिव जी का जल अभिषेक करते हैं।
भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने और अपनी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए यह यात्रा करते हैं।
यह यात्रा सावन के महीने में शुरू होती है और शिवरात्रि तक चलती हैकांवड़िये पैदल यात्रा करते हैं और रास्ते में जल को जमीन से नहीं लगने देते।

सौरभ, धर्मेंद्र ,अंकित, अंशुल, समीर, हेमंत, अमित, रामगोपाल, राजीव और कृष्णा आदि आठ युवक विदिशा बेतवा नदी के चना तीरथ से अपने कावड़ में जल लेकर नंगे पैर पैदल चलते हुए 250 किलोमीटर दूर उज्जैन महाकालेश्वर के लिए निकले। युवा टीम ने बताया कि हम एक सप्ताह में महाकालेश्वर उज्जैन पहुंच जाएंगे जहां पर अपने कावड़ में बेतवा चना तीरथ से भरे जल से महाकालेश्वर का जल अभिषेक करेंगे। वहीं से अपने कावड़ में जल लेकर वापस विदिशा लौटेंगे और वहां पर स्थित मंदिर के शिवालय पर जल अभिषेक कर यात्रा का समापन करेंगे।
युवा टीम ने कहा कि शिवजी से यही प्रार्थना है कि देश में सुख शांति बनी रहे, सभी लोगों की मनोकामना पूर्ण हो , देश में सभी वर्ग के लोग सुख शांति से रहे।