Let’s travel together.

सुनेहरा में पार्थिव शिवलिंग अनुष्ठान प्रारंभ

0 88

शरद शर्मा बेगमगंज, रायसेन 

पार्थिव शिवलिंग निर्माण के दिव्य अनुष्ठान के प्रथम दिवस पर विधिवत रुद्रमहाभिषेक संपन्न किया गया- कमलेश कृष्ण शास्त्री जी महाराज द्वारा ग्राम सुनहरा में सवा लक्ष पार्थिव शिवलिंग निर्माण अनुष्ठान के प्रथम दिवस पर
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पूज्य महाराज पं. कमलेशकृष्ण शास्त्री ने कहाकि जिनके ऊपर स्वयं पितरों की कृपा, भगवत कृपा और भगवान भोलेनाथ की कृपा होती है, वही लोग ऐसे दिव्य और भव्य आयोजनों में सम्मिलित हो पाते हैं। यह सब भोलेनाथ की विशेष अनुकंपा का ही परिणाम है।
महाराज श्री ने 12 ज्योतिर्लिंगों के महत्व का भी वर्णन किया और बताया कि ये ज्योतिर्लिंग हमारे जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा, शक्ति, और भय से मुक्ति का प्रतीक हैं। सोमनाथ से लेकर रामेश्वरम् तक हर ज्योतिर्लिंग के दर्शन से जीवन का कल्याण होता है और इनका स्मरण भी पुण्य देने वाला होता है।
आजकल के युवक-युवतियां अपनी इच्छा पूरी करने के लिए माता-पिता की भावनाओं को ठेस पहुंचाकर घर से भाग कर शादी कर लेते हैं, लेकिन ऐसा करना न केवल उनके माता-पिता के लिए दुखदायी होता है, बल्कि स्वयं उनके जीवन में भी अनेक समस्याओं को जन्म देता है। मां-बाप के आशीर्वाद के बिना किया गया कोई भी कार्य पूर्ण सुखदायी नहीं होता।
जब हम मंदिर जाएं तो हमें क्रोध, अहंकार और जल्दबाज़ी को छोड़ देना चाहिए। आजकल मंदिरों में दर्शन के लिए धक्का-मुक्की, विवाद, और अनुशासनहीनता देखने को मिलती है, जो उचित नहीं है। मंदिर में तो शांत भाव से भगवान का भजन करना चाहिए, वहीं सच्चे दर्शन होते हैं।
आज रिश्तों की नींव कमजोर होती जा रही है। जहां कभी परिवार प्रेम, सम्मान और एकता का दूसरा नाम हुआ करता था, आज वहीं भाई-भाई के बीच स्वार्थ और ईर्ष्या की दीवार खड़ी हो गई है। यह स्थिति केवल इसलिए उत्पन्न हुई है क्योंकि हमारी सोच, संस्कार और जीवन का उद्देश्य बदल गया है।
सनातनियों की सबसे पहली भाषा हिंदी होनी चाहिए। आज लोग अंग्रेजी बोलने को ही सभ्यता और सफलता का प्रतीक मानने लगे हैं, लेकिन यह एक बहुत बड़ी भूल है। अंग्रेजी सीखना बुरा नहीं है, परंतु अपनी मातृभाषा का अपमान करना, उसे छोटा मानना और उसके प्रयोग में संकोच करना घोर अधर्म के समान है।
संसार में सबसे बड़ी संपत्ति धन, गाड़ी, मकान या सोना-चांदी नहीं है, बल्कि अगर कोई सबसे मूल्यवान संपत्ति है तो वह है रोग मुक्त शरीर क्योंकि जब शरीर स्वस्थ है, तभी मन प्रसन्न रहता है, बुद्धि ठीक से कार्य करती है, और जीवन के हर लक्ष्य को प्राप्त करना संभव होता है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

भोपाल विदिशा हाईवे-18 पर  पुलिस का बड़ा एक्शन: 10 चालान, 3,900 रुपए जुर्माना वसूला     |     बहेसर तुलसी में होगा लोकार्पण और भूमिपजन करोड़ो की मिलेगी सौगात      |     चरित्र पर संदेह के चलते युवती की हत्या करने वाला आरोपी प्रेमी गिरफ्तार     |     अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने महाविद्यालय परिसर में किया वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश     |     वनरक्षक पर गंभीर आरोप: सरकारी वाहन से युवक को मारी टक्कर मारपीट और झूठे प्रकरण की शिकायत     |     न्यायाधीश,अधिवक्ताओं सहित 40 नागरिकों ने किया रक्तदान     |     शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में स्तनपान जागरूकता सप्ताह का आयोजन       |     ऊमरीकलां में अवैध आरामशीनों पर वन विभाग का छापा, 03 मशीनें जब्त, 3 लोगों पर वन अपराध दर्ज       |     वरिष्ठ फिल्म-टीवी अभिनेत्री मीनू सिंह का 75वाँ जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया     |     भाजपा की जिला स्तरीय बृहद बैठक 9 अगस्त को भगवती गार्डन  में  आयोजित      |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811