भोपाल। फ्लाइंग फैरीज़ नाट्य संस्था द्वारा एल बी टी सभागार में नाट्य संस्था द्वारा हास्य नाटक “मारे गए गुलफ़ाम” का मंचन किया नाटक के लेखक संदीप लेले हैं और इसका निर्देशन किया है भोपाल के सीनियर नाट्य निर्देशक डॉ. आज़म खान ने ।

यह नाटक आधुनिक जीवन की विडंबनाओ पर बड़ी कुशलता से कटाक्ष करते हुए महिलाओं को अपने जाल में फंसाने वाले धूर्त बदमाशों की जमकर खबर लेता है, वह भी हँसा कर लोटपोट करते हुए ।

मशहूर ठग नटवरलाल, शहर की प्रतिष्ठित परिवारों की महिला रमा और कोकिला को अपने प्रेम जाल में फंसा कर लूटने की फ़िराक़ में है । रमा उसकी योजना को भांपकर कोकिला के साथ मिलकर नटवरलाल को सबक सिखाने की योजना बनाती है किंतु उत्साह में अपने शक्ति पति को विश्वास में नहीं लेती । उधर पति को किसी अन्य सूत्र से नटवरलाल के षड्यंत्र की भनक लग जाती है । अपनी अति-बुद्धिमत्ता के चलते वह पत्नी को विश्वास में लिए बिना ही मामले को अपने तरीके सुलझाना चाहता है ।

अब मज़ेदार परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं । एक ओर रमा, नटवर को करारा सबक सिखाने की योजना बना रही है तो दूसरी ओर पति अपनी पतिव्रता पत्नी को बेवफा साबित कर, नटवर के साथ रंगे हाथों पकड़ने की चाल चल रहा है । वहीं पति ठीक उसी समय अपने घर पर छापा मारने की तैयारी में है जिस समय नटवरलाल वहां पर होगा….. नाटक के अंत में नटवरलाल का भांडा फूट जाता है और सबसे माफ़ी मांग लेता है । नटवरलाल कसम खाता है कि अब जीवन में किसी भी महिला के साथ धोखा नही करेगा ।

नाटक के मुख्य पात्र
नटवरलाल : प्रदीप मंदरे
हजारी उर्फ बिहारी व नट : देवराज जोशी
संपत : संजय पंचाक्षरी
चंपत : कपिल यादव
डॉ. मिट्ठन : शेख शेफ
शशि चोपड़ा : जुनैद हिंदुस्तानी
स्वर्णा : माही जोशी
रमा : अंजना राय
कोकिला : शिवानी कटेरिया
मेहता : दानिश

नाटक “मारे गए गुलफ़ाम” में मध्यप्रदेश की कई जानी मानी हस्तियों ने शिरकत किया जिनमे मुख्य अतिथि संजना सिंह ( महामंडलेश्वर सखी ), व विशेष अतिथि में सुश्री पुरवा राय ( दूरदर्शन एंकर व अभिनेत्री ), सुश्री पूर्वा शर्मा त्रिवेदी ( दूरदर्शन एंकर व पत्रकार ), सुश्री रिंकू ओझा ( समाज सेविका ) , सुश्री संचिता वाल्के ( मॉडल व टीवी एंकर ), विशेष रूप से उपस्थित रही संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी सुनील सोन्हिया ने किया।