बहनों ने लगाया भाइयों के माथे पर तिलक, भाइयों ने पैर छू कर लिया आशीर्वाद
सी एल गौर रायसेन
भाई और बहन के बीच अटूट प्रेम का प्रतीक भाई दूज का त्योहार रविवार को मुख्यालय रायसेन सहित जिले भर में अति उत्साह के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर भाई दूज के उपलक्ष में बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया वहीं भाइयों ने भी अपनी ओर से बहनों को उपहार देकर उनके पैर छुएं एवं आशीर्वाद प्राप्त किया, प्राचीन चली आ रही परंपरा के अनुसार भाई दूज का त्योहार सनातन धर्म प्रेमियों के घर-घर में उत्साह से मनाया गया, इस अवसर पर अपने भाइयों से उपहार पाकर बहनें खुश नजर आ रही थी, भाइयों ने भी अपनी बहनों से आशीर्वाद लेकर उनकी सदैव रक्षा करने का वचन दिया। भाई दूज के मौके पर कई भाइयों ने दूर दराज क्षेत्र में जाकर अपनी बहनों से तिलक लगवाया वहीं कई घरों पर बहने भी अपने भाइयों के घर पहुंची और भाई दूज पर उनका तिलक किया। इस मौके पर भाइयों ने अपनी बहनों का मुंह मीठा कराया।

भाई दूज पर तिलक लगाने की प्राचीन परंपरा आज भी कायम है, भाई दूज पर तिलक लगवाने से सदैव बहनों का भाइयों के साथ आशीर्वाद रहता है और जीवन में एक दूसरे के बीच अटूट प्रेम और स्नेह सदैव के लिए बना रहता है । इसके अलावा घरों में सुख समृद्धि एकता भाईचारा एवं सुख शांति मिलती है यह एक ऐसा पारंपरिक भाई दूज का त्यौहार है जिसके अवसर पर भाई और बहन के बीच आत्मीय प्रेम और स्नेह का मिलन होता है। इस प्रकार से जिले भर में शहरी क्षेत्र से लेकर गांव-गांव में भाई दूज का त्यौहार उत्साह के साथ मनाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भाई दूज के अवसर पर होली मनाई गई एक दूसरे को ग्रामीणों ने रंग गुलाल लगाया एवं फाग गीतों का आनंद लिया। प्राचीन परंपरा के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में भाई दूज के मौके पर रंग लाल लगाकर त्यौहार उत्साह से मनाया जाता रहा है। इसी क्रम को जारी रखते हुए आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में भाई दूज के मौके पर होली खेलने की परंपरा चली आ रही है, जो कि आज कैसे आधुनिक दौर में भी जारी है।