बांद्राभान से शुरू की दंडवत यात्रा, महाकाल नगरी पहुंचने के बाद फिर निकल पड़े मां वैष्णो देवी के लिए दंडवत यात्रा करते हुए बाबा
दण्डबत करते की यात्राएं,इसी लिए दंडबत बाबा पढ़ा नाम
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
ऐसा नहीं है कि भक्त अपनी मनोकामना की पूर्ति होने के बाद ही भगवान की कठिन तपस्या एवं ताप करते हुए उनके दर पर पहुंचते हैं बल्कि कई ऐसे भी भक्त होते हैं जो बिना स्वार्थ के कठिन यात्रा कर भगवान के दर्शनों के लिए जाते हैं भगवान की सेवा एवं उनकी भक्ति करने के कई माध्यम है लेकिन यदि बिना किसी स्वार्थ के तल्लीन होकर उनकी सेवा की जाए तो भक्तों को फल भी वैसा ही मिलता है। इसी का एक उदाहरण मां नर्मदा की परम भक्त दंडवत बाबा के रूप में सोमवार को दीवानगंज के हाईवे पर देखने को मिला ,
रायसेन जिले के बरेली में रहने वाले इस परम भक्त को सभी लोग दंडवत बाबा के नाम से पहचानते हैं। दंडवत बाबा मां नर्मदा के तट बांद्राभान से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए दंडवत करते हुए निकले थे। उज्जैन में महाकाल मंदिर में दर्शनों के पश्चात दंडवत बाबा वैष्णो देवी के दर्शन के लिए निकल पड़े। उनके साथ चल रहे एक भक्त ने बताया कि भगवान के प्रति अपार श्रद्धा इनमें देखने को मिलती है यहां मां नर्मदा के अनन्य भक्त है इनके द्वारा पूर्व में भी कई दंडवत यात्रा की जा चुकी है और भगवान की कृपा इन पर लगातार बनी हुई हैै। इसी का कारण है कि बिना किसी मान मन्नत के यहां भगवान के दर्शनों का लाभ लेने के लिए दंडवत की यात्रा पर निकल गए है। दंडवत बाबा ने नर्मदा तट बांद्रा बांध में मां नर्मदा की पूजा अर्चना की और वहीं से दंडवत यात्रा का संकल्प लेकर मां नर्मदा का जल अपने साथ लिया और भगवान भोले का अभिषेक करने के लिए महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए निकल पड़े। दंडवत बाबा रास्ते में मां बिजासन के दर्शनों का लाभ लेने के लिए दंडवत करते हुए पहाड़ी पर पहुंचे और उन्होंने मां के दर्शनों का लाभ लिया। ब