मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
शादी ब्याह का सीजन 14 मार्च से पहले तक ही है। 15 मार्च से 15 अप्रैल तक इस साल का खरमास रहेगा। इसकी वजह से शादी-ब्याह नहीं हो पाएंगे। फिर अप्रैल माह में 18 से 22 तक के 5 दिन का मुहूर्त है। इसके बाद मई और जून में कोई मुहूर्त नहीं है। यह पहली मर्तबा है कि जब मई और जून माह में शादी ब्याह के मुहूर्त नहीं है। सीधा जुलाई में मुहूर्त है। इसलिए लोग अप्रैल और जुलाई माह में शादी करने की तैयारी में जुट गए हैं। मार्च माह में 12 मार्च तक लगातार मुहूर्त है। पंडित चंद्र मोहन तिवारी ने बताया कि मई और जून माह में इस साल शादी के लिए मुहूर्त नहीं है। इस वजह से लोग 12 मार्च से पहले या अप्रैल में 18 से 22 के बीच या जुलाई में शादी करने की तैयारी में लगे हुए हैं। जुलाई में 6 मुहूर्त हैं। फिर सीधे नवंबर और दिसंबर में मुहूर्त मिलेंगे।
धार्मिक मान्यता अनुसार संक्रांति तिथि बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। वहीं सूर्य देव के राशि गोचर करने की तिथि को संक्राति कहते हैं। वहीं इस तिथि से लेकर सूर्य देव एक राशि में अगले 30 दिनों तक विराजमान रहते हैं। साथ ही उसके बाद दूसरी राशि में गोचर करते हैं। सूर्य देव के धनु से मीन राशि में गोचर करने पर खरमास दोष लगता है। उस समय अवधि में कोई भी विवाह और मंगलकारी कार्य नहीं करना चाहिए।
खरमास में क्यों नहीं करना चाहिए शुभकार्य
ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य देव के धनु से मीन राशि में गोचर करने के समय गुरु का प्रभाव शून्य हो जाता है। वहीं ऐसा माना जाता है कि कोई भी शुभ कार्य के लिए गुरु के प्रभाव का होना अति आवश्यक और मंगलमय होता है। 14 मार्च शुक्रवार के दिन को सूर्य देव धनु से मीन राशि में गोचर करेंगे और इसी दिन से खरमास दोष लगेगा।