सुरेंद्र जैन धरसीवां
खरोरा के ग्राम माठ में 1 जनवरी से 9 तक श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें पहले दिन कलश यात्रा स्थापना परिक्षित जन्म , ध्रुव वंश कथा गजेंद्र मोक्ष रामचरित कथा श्री जन्म कृष्ण जन्म आज का जो कथा है राष्ट्रीय भागवत आचार्य बालविदुषी सुश्री क्षमानिधी गोवर्धन पूजा रुखमणी विवाह का कथा सुनते हुए लोगोंकथा में गोवर्धन पर्वत की कृत्रिम आकृति झांकी के माध्यम से दर्शाई गई।

भगवान कृष्ण को 56 भोग लगाए गए। भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी पर धर्म और सत्य की पुन: स्थापना के लिए द्वापर युग में अवतार लिया। उन्होंने बाल्य अवस्था में ही कालीय नाग का मर्दन करके यमुना जी को पवित्र किया, पूतना एवं बकासुर आदि मायावी शक्तियों का अंत किया। बृज भूमि में आतंक के पर्यायी कंस मामा का वध करके अपने माता-पिता देवकी-वसुदेव और नाना महाराज उग्रसेन को कारागार से मुक्त कराया। गोवर्धन पूजा में प्रकृति की पूजा का उल्लेख किया गया।जिसमे मुख्य रूप से राजू पाल कामेशपाल धनु वर्मा राजू वर्मा भानु पाल श्रवण पाल नंदकिशोर पाल नारद वर्मा मौजूद थे।