Let’s travel together.

नए साल पर कर्क रेखा पर सेल्फी लेने बालों की लगी रही भीड़

0 108

व्यवस्था नहीं होने के कारण जान जोखिम में डालकर रोड पार करते रहे राहगीर
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन

भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे 18 रोड पर दीवानगंज के पास स्थित पर्यटन स्थल कर्क रेखा पर नए साल के दिन सेल्फी लेने वालों की होड लगी रही। कई राहगीर अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे। कई राहगीर अपनी परवाह किए बिना ही हाईवे के इस पार उस पार आते-जाते हुए नजर आए।राहगीर सेल्फी लेने में इतने मस्त थे कि रोड पार करते समय वाहनों तरफ भी ध्यान नहीं दे रहे थे। इतना व्यस्ततम सेल्फी प्वाइंट होने के बावजूद भी पर्यटन विभाग रोड को पार करने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की जा रही है। पर्यटक अपनी जान हथेली पर रखकर रोज रोड पार करते रहते हैं।
बता दें कि भोपाल विदिशा हाईवे 18 दीवानगंज के पास स्थित कर्क रेखा से निकलने वाला हर व्यक्ति सेल्फी लेना नहीं भूलता। 30 नवंबर, और 1 दिसंबर को सांची का मेला लगा था तब भी कर्क रेखा पर काफी भीड़ लगी रही थी। तो वही 25 दिसंबर को क्रिसमस डे की छुट्टी होने पर देर रात तक कर्क रेखा पर कई राहगीर सेल्फी लेते हुए नजर आए। 25 दिसंबर को छुट्टी होने के कारण ज्यादातर लोग कर्क रेखा पर सेल्फी तो और हलाली डैम पर छुट्टी मनाने आए थे। नए साल पर दिन भर कर्क रेखा पर राहगीरों की काफी भीड़ नजर आती रही। कर्क रेखा पर हर साल 21 जून को दोपहर यहां पर व्यक्ति को अपनी खुद की परछाई भी नहीं दिखती और परछाई साथ छोड़ देती है। हम बचपन से यह कहावत सुनते आ रहे हैं कि कोई साथ हो न हो, आदमी का साया हमेशा उसकेे साथ रहता है। लेकिन 21 जून को कर्क रेखा क्षेत्र में आदमी का साया भी उसका साथ छोड़ देता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कर्क रेखा स्थल पर 21 जून को दोपहर 12 बजे सूर्य की किरणें 90 डिग्री लंबवत पडऩे के कारण खड़े व्यक्ति की परछाई ही नहीं बनती। इसलिए कर्क रेखा क्षेत्र को नो शैडो जोन भी कहा जाता है। जिस कर्क रेखा को हमने बचपन से भूगोल में पड़ा है और ग्लोब पर जिसे देखा है उस स्थान पर ठहरना अपने आप में एक सुखद अनुभूति है।
कर्क रेखा मध्यप्रदेश के भोपाल विदिशा हाईवे 18 दीवानगंज के पास उत्तर से निकलती है। जहां से यह गुजरती है वह स्थान भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे.18 पर रायसेन जिले के मध्य स्थित है। कर्क रेखा को चिन्हांकित करने के लिए उस स्थल पर राजस्थानी पत्थरों से चबूतरानुमा स्मारक बनाया गया है। यह स्थान रायसेन जिले का सबसे आकर्षक सेल्फी पाइंट है। यहां से निकलने वाला प्रत्येक व्यक्ति सेल्फी लिए बिना आगे नहीं बढ़ता है। सेल्फी लेने के बाद ही आगे बढ़ता है
पांच रेखाओं में है प्रमुख कर्क रेखा है
कर्क रेखा उत्तरी गोलार्ध में भूमध्य रेखा के समानान्तर 2& डिग्री 26’22 छ ग्लोब पर पश्चिम से पूर्व की और खींची गई एक काल्पनिक रेखा है। यह रेखा पृथ्वी पर उन पांच प्रमुख अक्षांश रेखाओं में से एक है जो पृथ्वी के मानचित्र पर प्रदर्शित की जाती हैं। कर्क रेखा पृथ्वी की उत्तरीय अक्षांश रेखा हैं जिस पर सूर्य दोपहर के समय लंबवत होता है। 21 जून को जब सूर्य इस रेखा के एकदम ऊपर होता है उत्तरी गोलार्ध में वह दिन सबसे लंबा व रात सबसे छोटी होती है। यहां इस दिन सबसे अधिक गर्मी स्थानीय मौसम को छोड़कर होती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.

आसमान से गिरा संदिग्ध यंत्र, मरखंडी गांव में मचा हड़कंप, पुलिस ने किया जब्त     |     तांबे के बर्तन में पानी पीने के सही तरीके से फ़ायदा हो, नुकसान नहीं जानें क्या है सही तरीका ?     |     जिला स्तरीय फ्लोरोसिस स्वास्थ्य शिविर एवं तम्बाकू मुक्त युवा अभियान 3.0के अंतर्गत का आयोजन      |     सांसद खेल महोत्सव समापन कार्यक्रम को लेकर भाजपा जिला कार्यालय में पत्रकार वार्ता आयोजित     |     यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के निर्विरोध अध्यक्ष बने हेमंत उपाध्याय     |     प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान भोपाल में पाँच दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ     |     राइट क्लिक::सनातनी एकता पर गहरी चोट है यूपी का यह ‘सवर्ण-संघर्ष’…अजय बोकिल     |     डोंगरगढ़ में आयोजित आचार्य श्री के द्वितीय समाधि दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे शिवराजसिंह चौहान      |     गांव की बेटी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, गणतंत्र दिवस पर दिल्ली परेड में हुई शामिल     |     हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस, तिरंगे की शान में सजा ऐतिहासिक नगरी सांची     |    

Don`t copy text!
पत्रकार बंधु भारत के किसी भी क्षेत्र से जुड़ने के लिए इस नम्बर पर सम्पर्क करें- 9425036811