रोज निकल रही ओवरलोड भूसे से भरी ट्रालियां,पुलिस सिर्फ छोटे वाहनो की चेकिंग में मस्त,राहगीर हो रहे है परेशान
सलामतपुर थाना और दीवानगंज पुलिस चौकी की कार्यप्रणाली पर उठे सबाल
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
दीवानगंज क्षेत्र में क्षमता से अधिक भूसा भरे हुए ट्रैक्टर ट्राली लगातार गुजर रहे हैं। इन ट्रैक्टर ट्राली की अत्यधिक ऊंचाई व दाएं-बाएं करीब एक से दो फीट बाहर तक तिरपाल में लटका भूसा लेकर नजर आ रहे हैं। ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बड़े हादसे को न्योता दे रहीं हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।सलामतपुर थाना और दीवानगंज की पुलिस सिर्फ दो पहिया वाहनो और कारो की जांच में मस्त हे।उन्हे यह ओवरलोड वाहन दिखाई ही नही देते।या यूँ कहे कि नजराना मिलने से पुलिस इन्हे अनदेखा कर रही हे।
दीवानगंज, अंबाडी, सेमरा से ओवरलोड भरे ट्रैक्टर ट्राली रोज 2 से 3 निकल रही है। प्रशासन ऐसे वाहनों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। इन वाहनों के चलते मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। लोगों को अपने गंतव्य की ओर निकलने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बता दें कि त्रिपाल लगाकर भरी जा रही भूसे की ट्रैक्टर.ट्रॉली जमीन से महज कुछ फीट ही ऊपर रह जाते हैं। ऐसे में जब कोई वाहन इनके बगल से निकलने का प्रयास करता है तो उसे साइड लेने में परेशानी आती है। रात के समय में सामने आने वाले वाहनों की चकाचौंध के चलते लोगों को निकलने में परेशानी होती है। ओवरलोड भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली गड्ढों में फंसकर पलट भी जाती हैं। ऐसे वाहनों से लोगों ने हादसे की आशंका भी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि हादसे से बचाने के लिए ओवरलोड चलने वाली इन ट्रैक्टर.ट्रॉलियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। जिससे हादसों की बढ़ती संख्या और आशंका को रोका जा सके। ऐसे में सामने से आने वाले वाहनों को पीछे आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते हैं। ओवरटेक करने के चक्कर में हादसे का शिकार हो जाते हैं। इनके आसपास से वाहनों को निकलना मतलब दुर्घटना को न्योता देने के बराबर है। क्योंकि सामने से कौन सा वाहन आ रहा है यह देखना मुश्किल हो जाता है।
पॉलीथिन की तिरपाल में भूसा बांधते हैं। भूसा बांधते वक्त यह तिरपाल जगह-जगह से फट जाती है। जिसमें से वाहन चलते वक्त भूसा उड़ता ही रहता है। यह भूसा पीछे चलने वाले दो पहिया वाहन चालकों की आंखों में उड़कर जाता है जिससे उन्हें वाहन चलाने में परेशानी आती है। वही मार्ग सकरा होने के कारण वाहन चालक साइड भी नहीं देते जिससे वाहन चालक परेशान होते हैं ऐसे में वाहन चालक के साथ मार्ग पर पैदल चलने वाले राहगीर होते हैं उन्हें भी हादसे की आशंका रहती है। अव्यवस्था की ओर जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं ना ही कोई कार्रवाई कर रहे हैं।