राजा दशरथ को चौथे पन में जाकर गुरु के आशीर्वाद से हुई पुत्र रत्न की प्राप्ति
रानी कैकई के भरत, कौशल्या के राम, सुमित्रा के हुए लक्ष्मण और शत्रुघ्न
सी एल गौर रायसेन
ऐतिहासिक श्री रामलीला मेले के चलते मंगलवार को रामलीला के कलाकारों द्वारा श्री राम जन्मोत्सव प्रसंग की मनमोहक एवं भव्य प्रस्तुति की गई । जैसे ही राजा दशरथ जी के घर पुत्र रतन की प्राप्ति हुई वैसे ही चारों तरफ जय जयकार होती है और पूरा माहौल राम मय दिखाई देता है। प्रस्तुत की गई लीला के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ जी को कोई पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं होती है तो वह मन ही मन बहुत ही चिंता व्यक्त करते हैं और मन में सोच विचार करते हुए वह एक दिन अपना मुंह दर्पण में देखते हैं तो उन्हें सिर के सफेद बाल नजर आते हैं ऐसा मन में सोच कर राजा दशरथ जी अचरज में पड़ जाते हैं और मन ही मन विचार करते हैं कि मेरा बुढापा आ गया है परंतु अभी तक मुझे पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं हुई है ।

इसके बाद यह विचार लेकर वह गुरु विश्वामित्र जी के पास पहुंचते हैं और उनसे विनय करते हैं इस समय विश्वामित्र जी राजा दशरथ जी के मन की बात को समझते हुए उन्हें पुत्र रत्न प्राप्ति के लिए यज्ञ करने की सलाह देते हैं और कहते हैं कि जो प्रसादी खीर की बने उसे सभी रानियो के लिए खिलाना है अवश्य ही राजन तुम्हारे घर पुत्र रतन की प्राप्ति होगी। इस प्रकार से गुरु के आशीर्वाद के पश्चात राजा दशरथ के राजमहल में चारों राजकुमार राम, लक्ष्मण और भरत, शत्रुघ्न का जन्म होता है। इस दौरान केकई के भरत, कौशल्या के राम और सुमित्रा के लक्ष्मण, शत्रुघ्न चार पुत्र जन्म लेते हैं। रामलीला मैदान में मंच के माध्यम से श्री राम जन्मोत्सव प्रसंग की प्रस्तुति कलाकारों द्वारा की गई उस समय पूरा माहौल राम मय दिखाई देता है और जय श्री राम के जयकारे रामलीला मैदान में सुनाई देते हैं। राजा दशरथ के राजमहल में भी खुशी का वातावरण दिखाई देता है।
बुधवार को होगी ताड़का वध की लीला
शहर में ऐतिहासिक रामलीला के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बुधवार को रामलीला के कलाकारों द्वारा ताड़का वध प्रसंग की आकर्षक प्रस्तुति रामलीला मैदान में की जाएगी।