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इस साल शनि जयंती 30 मई, 2022 सोमवार को

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हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनि देव का जन्म हुआ था। इस दिन को शनि जयंती के नाम से जाना जाता है। इस पावन दिन शनि देव की पूजा- अर्चना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनि देव कर्म फल दाता हैं। शनि देव कर्मों के हिसाब से फल देते हैं।
इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।
घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
शनिदेव के मंदिर जाएं।शनिदेव को तेल, पुष्प अर्पित करें।शनि चालीसा का पाठ करें।अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें।इस पावन दिन दान भी करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है।

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए इन मंत्रों का जप करें…

“ऊं शं अभयहस्ताय नमः” 

“ऊं शं शनैश्चराय नमः” 

“ऊं नीलांजनसमाभामसं रविपुत्रं यमाग्रजं छायामार्त्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम” 

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