मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
किसानों के लिए आवारा गौवंश मुसीबत बनते जा रहे हैं। यह खड़ी फसलों को देखते ही देखते चट कर जाते हैं। आलम यह है की रात भर किसानों को खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इस समय सोयाबीन और धन की फसल किसानों ने खेतों में लगाई है। किसानों द्वारा लगाई गई धान की फसल खेतों में पक चुकी है। लेकिन आवारा पशु बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आसपास के गांव के लोग आवारा और असहाय गौवंश को रोड़ किनारे अंधेरे में छोड़ कर चले जाते हैं। जिसका खामियाजा गांव के किसानों को उठाना पड़ रहा है। गांव में करीब दो सैंकड़ा से अधिक गौवंश विचरण कर रहा है। सुरेश साहू, दिनेश साहू ने बताया कि उनकी कई बीघा जमीन पर खड़ी धान की फसल को आवारा पशु बर्बाद कर रहे हैं। खेत में से पशु को भगाकर हम आकर बैठ भी नहीं पाते की फिर से आवारा पशु खेत में आ जाते हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार इस समस्या को लेकर गंभीर नही हैं। किसान अपनी समस्या किसको बताएं।
मुकेश नायक, राजेश साहू निवास मीणा ने बताया कि सरकार ने आवारा पशुओं के लिए गौशालाओं का निर्माण कराया। लेकिन हमारे गांव में गौशाला नहीं है। आवारा मवेशी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। कई बार तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक इसकी शिकायत की गई। लेकिन कोई राहत नहीं मिली। खुले आसमान के नीचे कुटिया बनाकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। किसानों को आवारा गौवंश से निजात दिलाने के लिए ग्राम सेमरा और गीदगढ़ में गौशाला निर्माण कई बरसों से चल रहा है जो आज तक पूर्ण नहीं हुआ। जिसका खामियाजा आसपास के किसानों को उठाना पड़ रहा है।