2 दिन से अनवरत वर्षा के चलते तीन दर्जन गांव टापू में तब्दील , जान जोखिम में डालकर लोग नदी -रपटों से निकलते रहे
तहसीलदार ने संभाला मोर्चा , दो को किया पुलिस के हवाले
शरद शर्मा बेगमगंज,रायसेन
शुक्रवार एवं शनिवार की शाम से रात भर लगातार दो दिन से हो रही अनवरत वर्षा से तहसील मुख्यालय का संपर्क पश्चिम क्षेत्र के ग्रामीण अंचल के करीब 35 गांव से पूरी तरह टूट चुका है ।
वही पूरब दिशा में स्थित सेमरी नदी का जल स्तर भी बढ़ गया है लेकिन यह क्षेत्र ऊंचाई पर होने के कारण कोई भी गांव डूब क्षेत्र में नहीं आने की सूचना मिली है। पूरब दिशा सेमरी नदी क्षेत्र के लगभग सभी गांव तहसील मुख्यालय के संपर्क से अभी तक जुड़े हुए हैं । लेकिन रेहटवास -नैनविलास को जोड़ने वाला सेमरी नदी के रपटे के ऊपर पानी होने से कुछ युवक जान जोखिम में डालकर निकल रहे थे , जिनमें से एक बाइक सवार तो अपने बच्चों को बैठाकर रपटे से निकला वहीं कुछ युवक भी अपनी वाहनों को रपटे से लेकर इस पार से उस पार निकलते देखे गए तो एक बाइक सवार एवं एक पैदल निकलने वाले युवक को तहसीलदार एसआर देशमुख ने सख्ती दिखाते हुए पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

तहसीलदार देशमुख का कहना है कि बार -बार चेतावनी देने के बाद भी लोग जान जोखिम में डालकर जलमग्न रपटे से निकलते जा रहे थे , इसलिए उनकी जान की रक्षा के लिए सख्ती दिखाई है ।
बीना नदी के 6 पुल एवं रपटों पर बाढ़ का पानी बढ़ने से आज भी आवागमन पूरी तरह से बंद है ।
आज प्रातः से निकले तहसीलदार एसआर देशमुख एवं क्षेत्र के पटवारी अंकुर दुबे द्वारा संयुक्त रूप से डूब प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किए जाने के उपरांत सुरक्षा की दृष्टि से मार्गों पर बेरिकेट्स लगवा दिए गए हैं ताकि जलमग्न पुल एवं रपटों से जान जोखिम में डालकर लोग आवागमन ना कर सके ।
लगातार कभी मध्यम तो कभी बहुत तेज वर्षा के चलते आसपास के ग्रामीण क्षेत्र सहित नगर में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है ।
शनिवार को शासकीय एवं निजी स्कूलों में स्टूडेंट की संख्या कम देखने को मिली। वही नगर के बाजार में दुकानें आधी खुली तो आधी बंद रही । सबसे ज्यादा प्रभाव चाय- नाश्ते की होटलों पर पड़ा ,ग्रामीण अंचल से आने वाला दूध नदियों में बाढ़ आने के कारण नहीं आ सका ।
आज सुबह तहसीलदार , नायब तहसीलदार , पटवारी एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने बीना नदी के ढाडिया – हरदोट पुल , बर्री कला – विनायकपुर रपटा, मानपुर पुल , माला फाटक ईदगाह मार्ग का चंदोरिया घाट का पुल , बेरखेड़ी घाट रपटा एवं खजुरिया बरामद गढ़ी घाट का पुल इत्यादि का स्थल निरीक्षण किया और वहां पर पुल एवं रपटों के ऊपर बहुत ज्यादा पानी होने से एवं आवागमन बंद होने के कारण पुलिस के सहयोग से सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेट्स लगावा दिए गए हैं ।
नगर की निचली बस्तियों में माला फाटक जगदीश मंदिर , मुकरबा , मंडी , परासरी , चुराक्का इत्यादि क्षेत्र भी जलमग्न हो गए लेकिन किसी प्रकार की जन एवं धन हानि की सूचना नहीं मिली है ।
प्रशासन द्वारा गठित की गई बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन समिति की टीम तहसीलदार एसआर देशमुख के नेतृत्व में पूरी मुस्तैदी से क्षेत्र का भ्रमण करते हुए नजर रखे हुए हैं ।
तहसीलदार एसआर देशमुख ने बताया कि क्षेत्र में पिछले 2 दिन से लगातार वर्षा होने के कारण बीना नदी एवं नैनविलास नदी सहित क्षेत्र की अन्य नदियों के रास्ते बंद हो गए हैं । अभी तक किसी प्रकार की जन एवं धन हानि की सूचना नहीं मिली है लेकिन बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति को मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है ।प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।