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खाने में नींद की गोली खिलाकर गला घोंटा, टुकड़े-टुकड़े कर ट्रेन से भेजे, नागदा-इंदौर ट्रेन में मिला था शव

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इंदौर: जीआरपी पुलिस ने नागदा-महू ट्रेन में टुकड़ों में मिले शव की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने उज्जैन से 60 वर्षीय कमलेश को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने दुष्कर्म के इरादे से महिला को नींद की गोलियां खिलाई थी। महिला जाग गई और आरोपित ने गला घोंटकर हत्या कर दी। कैरी काटने के संतूर से शरीर के टुकड़े किए और अलग-अलग ट्रेन में रख कर फरार हो गया।

रेल पुलिस (जीआरपी) के मुताबिक कमलेश पटेल उप्र के ललितपुर के पिपरोनिया बेहट का रहने वाला है, जो हीरा मिल की चाल उज्जैन में रहता है। 6 जून को मीराबाई उज्जैन प्लेटफार्म क्रमांक-1 पर मथुरा जाने वाली ट्रेन के इंतजार में बैठी थी। कमलेश ने उससे बात की और कहा मथुरा की ट्रेन निकल गई है। दूसरी ट्रेन कल मिलेंगी, वह समझाबुझा कर घर ले गया।

खाने में मिलाकर दी नींद की गोलियां

7 जून को उसने खाने में नींद की गोलियां मिला दी। मीराबाई को नींद तो नहीं आई लेकिन हल्की बेहोशी छाने लगी थी।आरोपित ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया तो उसने विरोध किया। धक्का-मुक्की मेें मीरा नीचे गिर गई। कमलेश ने ट्रैक से चुराए बोल्ट से हमला कर दिया। बेहोश होने पर उसका गला घोंट कर मार डाला।

8 जून को जीरो पाइंट से कैरी काटने का संतूर लेकर आया और मौरी (नहाने का स्थान) पर पहले हाथ-पैर काटे फिर शरीर के दो टूकड़े कर दिए। आरोपित ने शरीर के टुकड़े नागदा-महू ट्रेन में रखे और हाथ-पैर उज्जैयनी एक्सप्रेस में एस-1 में रख दिए।

मूक बधीर पत्नी ने इशारों में बताया पति है हत्यारा

टीआइ संजय शुक्ला के मुताबिक कमलेश करीब 15 साल से उज्जैन रहता है। उसके घर में अनैतिक गतिविधियां भी चलती है।उसकी पत्नी आरती मूक बधीर है। कमलेश ने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया था। उसने दो मुस्लिम युवकों का नाम बता कर जांच से भटका दिया। पुलिस ने आरती को हिरासत में लिया और मूक बधीर विशेषज्ञ ज्ञानेंद्र पुरोहित की मदद से पूछताछ की। आरती ने इशारों में पूरा घटनाक्रम बता दिया। उसने यह भी बताया कि कमलेश ने उसे धमकाया था। वह उसके साथ मारपीट करता रहा है।

पुलिस आरती को कोर्ट ले गई और मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत कथन दर्ज करवाए।इसके बाद कमलेश से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गया। पुलिस ने कपड़े, संतूर जब्त कर लिया है। आरोपित ने बताया शव ठिकाने लगाने के बाद रामघाट जाकर शिप्रा में जाकर स्नान किया था।

40 लापता महिलाओं से ढूंढी मीराबाई

मीरा मूलत:मऊ बिलपांक(रतलाम) की रहने वाली थी। 6 जून को पति भंवरलाल डामर द्वारा चांटे मारने पर गुस्से में घर से निकली थी। जाते समय पिता नाथुलाल का मोबाइल ले गई थी। पुलिस ने एक महीने से लापता महिलाओं की जानकारी निकाली तो करीब 40 महिलाओं का डेटा सामने आया। हाथ पर गुदे नाम के आधार पर मऊ निवासी मीरा के स्वजनों से संपर्क हुआ। वस्त्र और फोटो देख कर बेटियों ने उसकी पहचान कर ली

अंतिम लोकेशन मिली थी उज्जैन

पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन निकाली तो अंतिम लोकेशन फ्रीगंज (उज्जैन) की मिली। इसके बाद टीम रेलवे स्टेशन और उसके आसपास की बस्तियों में जांच करने लगी।रहवासियों को महिला का फोटो दिखाया तो बताया उसे कमलेश के घर में देखा गया था।

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