बाघ का रेस्क्यू करने टीमे पहुँची रायसेन,पन्ना और कान्हा रिज़र्व टाइगर की टीमे लगभग 40 सदस्यीय टीम पहुँची है रायसेन के ग्राम सोडरा
शिवलाल यादव रायसेन
आदमखोर टाइगर को पकड़ने के लिए रेस्क्यू करने के लिए कान्हा और टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट की 40 सदस्यीय टीमें सामान्य वन मण्डल रायसेन पहुंची है।
पाँच हाथियों पर सवार होकर टाइगर रिज़र्व की 40 सदस्यीय टीम करेंगी जंगल में बाघ का रेस्क्यू।
बाघ का मूवमेंट कैमरे में क़ैद होते ही
हाथियों पर सवार होकर किया जायेगा उसका रेस्क्यू।वन विभाग के डीएफओ विजय कुमार, एसडीओ सुधीर पटले ने बताया कि अब रायसेन नगर सहित आसपास के ग्रामीणों को बहुत जल्दी ही मिलेगी बाघ की दहशत से आजादी।वन विभाग ने इस बाघ को रॉयल टाइगर दिया था नाम।

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रायसेन के वन विभाग की टीम पिछले तीन महीने से इस बाघ को रेस्क्यू करने का कर रही थी प्रयास। एहतियात के तौर पर वन विभाग की 40 टीमें कुसियारी के जंगल में सर्चिंग कर रही थी। वहीं 30 से अधिक सर्चिंग कैमरे जंगल में लगाए गए थे ।इसके बावजूद भी टाइगर का पता लगाने के लिए टीम में विफल रही। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि हमने 20 गांव के ग्रामीणों को हाई अलर्ट कर दिया है ताकि उनकी जान माल की सुरक्षा हो सके। अब पन्ना टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट और कान्हा से आई 40 सदस्य सिटी में पांच हाथियों पर सवार होकर टाइगर की सर्चिंग करेंगे रेस्क्यू करने के बाद टाइगर को सुरक्षित पिंजरे में बंद कर दिया जाएगा।