गांधी भवन में बच्चों ने सीखा चरखा चलाना, गोबर आर्ट से बनाई शिल्पकला,सीख रहे बच्चे और युवा चरखा चलाना
बच्चों ने सीखा चरखा चलाना, गोबर आर्ट से बनाई शिल्पकला
भोपाल। बच्चे और युवा चरखा चलाना सीख रहे थे। साथ में गा रहे थे ‘मोरे चरखवा में हिंद की बहार, चरखवा चालू रहे’, ‘मां खादी की चादर दे दे’ और ‘चरखा को ना टूटे रे तार।’ ये माहौल गांधी भवन का है, जहां पर बच्चों के लिए चिल्डर्न आर्ट कैंप और युवाओं के लिए ‘जन सरोकार’ यूथ इंटर्नशिप का आयोजन किया जा रहा है। 15 दिन के इस आयोजन में अनुशासनात्मक जीवन शैली और अपनी छुपी प्रतिभाओं को निखारने पर जोर दिया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 15 मई से हुई थी। इसलिए रोज सुबह 7 बजे योग, ध्यान और प्राणायाम कराया जाता है। कैंप में एक्टिंग, डांस, पेंटिग, क्राफ्टिंग और सिंगिंग आदि की क्लासेज होती हैं। वहीं इंटर्नशिप में यूथ आपस में किसी एक टॉपिक को चुनते हैं, फिर एक्सपर्ट के साथ विमर्श-मंथन किया जाता है।

एक गले से निकली कई आवाजें-
मध्यप्रदेश के वरिष्ठ आवाज कलाकार बिहारी लाल सोनी ने कैंप में प्रतिभागियों के बीच में ‘आवाज के जादू’ नामक कार्यक्रम किया। इसमें उन्होंने बच्चों को अलग-अलग आवाज कैसे निकाली जाती हैं, इसका प्रशिक्षण दिया। साथ ही ट्रेन, गाय, बकरी, बच्चा, तोता, चिड़िया, बंदर, बिल्ली और कुत्ता सहित कई जीव-जंतुओं की आवाज निकालकर बताई

बच्चों ने सीखा चरखा चलाना-
गांधी भवन में दो दिवसीय चरखा वर्कशॉप की शुरुआत शुक्रवार को हुई। पहले दिन प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के चरखे दिखाए गए, जिनमें किसान चरखा, पेटी चरखा, सुदर्शन चरखा और अम्बर चरखा प्रमुख थे। इनका उपयोग (चलाकर) करके भी दिखाया गया। साथ ही चरखे की प्रॉपर्टी टकुआ, पोनी, तकली, डाई और सूत आदि की विस्तार से जानकारी दी गई। इस वर्कशॉप में गांधीवादी दयाराम नामदेव, मोहन दीक्षित और अंकित मिश्रा ने प्रशिक्षण दिया।

गोबर से बनाई मूमेंटो व ट्रॉफी-
कैंप में गोबर आर्ट वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें हर उम्र के प्रतिभागियों ने भाग लिया। बच्चों ने शिल्पकार सुरेश राठौर के प्रशिक्षण में मूमेंटो, ट्रॉफी, शील्ड और सजावटी सामान बनाना सीखा।
‘गांधी की रचनात्मकता’ पर चर्चा-
शुक्रवार की इंटर्नशिप में ‘गांधी की रचनात्मकता’ विषय पर चर्चा आयोजित की गई। इस विषय पर लेखक सुधीर सक्सेना ने अपना बात रखी। उन्होंने गांधी के साहित्यिक, आंदोलकारी, समाज सुधारक और राजनेता सहित कई व्यक्तित्वो पर प्रकाश डाला। साथ ही यूथ के प्रश्नों के जवाब दिए।