यशवंत सराठे बरेली रायसेन
जंगल की जमीन पर अवैध कब्जा, वृक्षो की अवैध कटाई हो या रेत का अवैध उत्खनन सभी जगह माफियाओं का राज है अधिकारी हो या कर्म चारी इन माफियाओं पर कार्यवाही करने में डरते हैं अवैध कारोबार करनेवालों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह जान लेने में भी नहीं हिचकिचाते क्योंकि या तो इन पर राजनैतिक वर्चस्व कायम रहता है या फिर किसी की मिलीभगत से बड़े लेन-देन का मामला इसी कारण इन पर कार्यवाही नहीं हो पाती है ।यदि दवाव वस कार्यवाही होती भी है तो दिखावे की।
यह कोई नयी या पहली वारदात नहीं है ऐसी कई घटनाएं घट चुकी है फिर भी अपराधी के होंसले बुलन्द है ,ऐसा ही मामला बाड़ी के सिधौरी अभ्यारण्य का सामने आया है जहां वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा था कार्यवाहक वनपाल वीटगार्ड हरनाम सिंह अहिरवार ने वन भूमि पर अतिक्रमण करने से रोका तो उस पर जान लेवा हमला कर दिया उसने अपने वरिष्ठ अधिकारी से वताया तो उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया नहीं ट्रेक्टर को जब्त किया नहीं कोई पुलिस कार्रवाई की गयी।

हरनाम सिंह अहिरवार वनपाल ने अपनी आप बीती सुनाते हूये वताया कि वह अपने साथियों के साथ शुक्रवार 17 मई की शाम 4वजे वनपाल वीटगार्ड पनझिरपा एवं प्रभारी परिक्षेत्र के स्टाफ के साथ वन क्षेत्र का भ्रमण कर रहे थे इस दौरान वीट पनझिरपा परिक्षेत्र में वन भूमि पर एक व्यक्ति ट्रेक्टर से कब्जा कर रहा था जब उसको ट्रैक्टर चलाने से रोका गया तो वह गाली-गलौज करने लगा हमने फोटो खींचा तो वह ओर गालियां देने लगा हमने वहां से हटना ठीक समझा ओर गाड़ी स्टार्ट करने लगा तभी रघुराज आ प्रहलाद नि. पनझिरपा ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया।इसके वाद रघुराज कुल्हाड़ी लेकर आया ओर जाने से मारने की धमकी देने लगा।
किसी तरह हम लोग जान बचाकर भागे ओर थाने में लिखित आवेदन दिया। विभागीय अधिकारियों को भी घटना से सम्वन्धित जानकारी दी है पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।