-प्रसूता महिलाओं के परिजनों की अनदेखी,इस वजह से हुई स्थिति निर्मित
रायसेन। सांची मार्ग पर स्थित जिला अस्पताल में ग्राम टिकोदा की एक महिला की हाई रिस्क प्रगनेंसी के दौरान महिला की जटिल डिलवेरी किए जाने का चिकित्सकों द्वारा फैसला लिया गया और जच्चा-बच्चा दोनों की जान को बचाया। महिला का हाई ब्लड प्रेशर की वजह से जच्चा बच्चा दोनों की जान का खतरा बन गया था। लेकिन जिला अस्पताल में पदस्थ वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ.सुनीता अतुलकर,डॉ.शबाना,डॉ.श्रृष्टि,डॉ.ज्योत्सना भीमटे ने अस्पताल में ही डिलेवरी करवाए जाने का फैसला लिया।

चिकित्सकों की टीम एवं पैरा मेडिकल स्टॉफ द्वारा सीजर करते हुए जच्चा बच्चा की जान को बचाया। डॉ.अतुलकर ने बताया की महिला का ब्लड प्रेशर अधिक होने की वजह से उसको छटके आ रहे थे और मानसिक संतुलन खो बैठी थी जिससे जच्चा बच्चों दोनों की जान को खतरा था। इस जटिल ऑपरेशन को किए जाने के लिए सिविल सर्जन डा.अनिल ओढ़ से चर्चा की जिन्होंने मरीज को रिफर ना कर जिला अस्पताल में ही ऑपरेशन किए जाने के निर्देश दिए। जिसके बाद चिकित्सकों की टीम एवं पैरामेडिकल स्टाफ के साथ ग्राम टिकोदा निवासी सीता का ऑपरेशन किया गया है। प्रसूता ने बालक को जन्म दिया और अब जच्चा बच्चा दोनों स्वास्थ्य है।

प्रसूता महिलाओं के परिजनों की अनदेखी:-डॉ.अतुलकर ने बताया की बताया कि प्रसूता महिलाओं एवं उनके परिजनों द्वारा अनदेखी किए जाने की वजह से ऐसी स्थिति निर्मित होती है। उन्होने बताया की रायसेन के ग्राम टिकोदा निवासी सीता का ऑपरेशन किया,अब प्रसूता ने बालक को जन्म दिया और अब जच्चा बच्चा दोनों स्वास्थ्य है। उन्होनें कहा की प्रसूता महिलाओं को हर माह नियमित चैकअप करावाना चाहिए जिससे हाई रिस्क प्रेगनेंसी के खतरे को टाला जा सकता है। गांव के लोगो को भी प्रसूता महिलाओं को गांव की अंगनवाड़ी में जाकर चौकअप करवाना चाहिए,जिससे हाई रिस्क प्रगनेंसी होने से बचा जा सके।