इंदौर। बेलेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी हादसे को लेकर मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में प्रस्तुत तीन जनहित याचिकाओं में हाल ही में आए फैसले के बाद नगर निगम शहर की बंद बावड़ियों और कुओं को खोलने की मुहिम दोबारा शुरू करेगा। हादसे के बाद नगर निगम ने ऐसी मुहिम शुरू की थी। 100 से ज्यादा स्थानों पर कार्रवाई भी की थी, लेकिन बाद में यह बंद कर दी गई थी।
हाल ही में हाई कोर्ट ने भी अपने फैसले में नगर निगम से कहा है कि वह बंद किए जा चुके कुएं, बावडि़यों को खोलने की मुहिम शुरू करे। 30 मार्च 2023 को हुए बेलेश्वर महादेव मंदिर बावड़ी हादसे में 36 लोगों की मृत्यु हो गई थी। ये सभी लोग रामनवमी के अवसर पर जमा हुए थे और हवन कर रहे थे। जिस जगह हवन हो रहा था उसके नीचे करीब 80 फीट गहरी बावड़ी थी, जिसे वर्षों पहले स्लैब डालकर बंद कर दिया गया था। हवन कर रहे भक्तों को पता ही नहीं था कि वे बावड़ी के ऊपर बैठकर हवन कर रहे हैं। इस दौरान स्लैब ढहा और हवन कर रहे लोग बावड़ी में जा गिरे।
हादसे को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिकाएं दायर हुई थीं। शासन ने इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच तो करवाई थी लेकिन इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। कोर्ट के आदेश के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत हुई तो पता चला कि हादसे के लिए नगर निगम के अधिकारियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया था। हाल ही में याचिकाओं में कोर्ट का फैसला आ गया है। 13 पेज के फैसले में कोर्ट ने नगर निगम से बंद की जा चुकी बावड़ियों और कुओं को दोबारा खोलने के लिए कहा है।