रिपोर्ट धीरज जॉनसन,दमोह
दमोह शहर में चार दिव्यांगो से कम दर पर दो पहिया वाहन दिलवाने के नाम पर ठग लिए जाने का मामला सामने आया,जिसके बाद पीड़ितों ने थाने में जाकर आपबीती सुनाई और अज्ञात के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।
पीड़ितों के द्वारा बताई गई जानकारी के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि ठग काफी शातिर था जो अलग अलग समयों में दिव्यांगो से अकेले में मिलता रहा और वाहनों की फोटो दिखाकर बीस हजार रुपए में एक्टिवा और अन्य वाहन देने की बात करता रहा, साथ ही 11 जनवरी को स्थानीय होंडा एजेंसी में बुला कर उनसे दस्तावेज लिए कागजी कार्यवाही करवाई, वाहन भी दिखाए। एजेंसी में पांच वाहन लेने की बात की और वहां बैठे बीमा और किश्त के आधार पर काम करने वालों से कागज तैयार करने कहा और कुछ देर बाद वह ठग इनसे करीब 76 हजार रूपए लेकर गायब हो गया।

इसके बाद सुनीता, राजकुमार पटेल, किशोरीलाल पटेल, प्रीतम अहिरवार, मानक पटेल के साथ थाने में आवेदन पेश किया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा होण्डा एजेंसी दमोह में बुलाकर एक्टिवा 5 जी निशुल्क प्रदान करने के नाम पर प्रत्येक से 19,000 रुपये की मांग कर सभी से कुल 76,000 रुपये लेकर फ्रॉड किया है जिसके आधार पर प्रथम दृष्टया अपराध धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

सुनीता पटेल, राजकुमार पटेल, किशोरी लाल पटेल, प्रीतम अहिरवार, मानक पटेल पांचों लोग दिव्यांग है जिसमें से एक के पास उस समय रुपए नहीं थे इसलिए वह ठगी से बच गया। इन्होंने बताया कि हम सभी को पहले अलग अलग जगह पर एक अनजान व्यक्ति मिला जिसने बोला कि आप लोग दिव्यांग हो तो आपको हमारी संस्था आस्था निशुल्क स्कूटी/एक्टिवा प्रदान करेगी। उसने कहा कि 11 जनवरी को होन्डा ऐजेंसी में आधार कार्ड, पेन कार्ड और दिव्यांग सर्टिफिकेट लेकर आना, 19-19 हजार रुपए गाड़ी के रजिस्टेशन और बीमा के लगेंगे जो गाड़ी लेते समय देने होगे हम वहां पहुंचे जहां वह पहले से मौजूद था। उसका मो. न. 7065501553 है वो जिस गाड़ी से आया था उसका रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी 34सीए 4882 है, उसने हम लोगो को गाड़ी पसंद करवाई फिर ऐजेन्ट ने हम लोगों से दस्तावेज लेकर बुकिंग ली फिर उस व्यक्ति ने बोला आप सभी लोग 19-19 हजार दे दो गाड़ी के रजिस्टेशन और बीमा के लिए। हम अभी ने उसको रुपए दे दिये फिर वो बोला 1 से 2 घंटे में गाड़ी मिल जाएगी, हम वहीं बैठे रहे, उसने नाश्ता बुलवाया और हम लोगो के 76 हजार रुपए लेकर भाग गया उसको फोन लगाया तो फोन बंद आ रहा है। हम यह कहना चाहते है कि किसी के साथ भी ऐसा नहीं करना चाहिए बहुत मुश्किल और मेहनत से थोड़ी राशि जमा कर पाते है जब हम एजेंसी गए थे तो वहां के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त हुए है उम्मीद है कि ठग पकड़ा जाएगा।