बरेली रायसेन से यशवन्त सराठे की रिपोर्ट
बरेली में मोहर्रम का त्यौहार बड़ी अकीदत के साथ मनाया गया हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी अखाड़े जुलूस निकाले गए जो इमाम बाड़े से उठाकर चौक चौराहों से घुमाते हुए वापस इमामबाड़े में पहुंचे है उर्दूकी 11 तारीख को मोहर्रम का अखाड़ा वा ताजियों के साथ विसर्जन के लिए कर्बला शरीफ पहुंचा यहां पर मुस्लिम समाज के लोगों ने नारे तकबीर के नारे लगाते हुए कर्बला शरीफ पहुंचे यहां पर ताजियों का विसर्जन किया गया।

मोहर्रम के दिन मुस्लिम समाज के लोग गमजदा होकर शोक मनाते हैं इस दिन मुसलमान लोग हुसैन की शहादत को याद कर देश भर में ताजियों का जुलूस निकालता हैं मोहर्रम का त्यौहार इस्लाम को इंसानियत और सच्चाई की खातिर पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे हसन हुसैन की कुर्बानी की याद में मनाया जाता है मोहर्रम के महीने में सवारियां भी उठाई जाती हैं जो अखाड़े जुलूस के साथ साथ चलती है।

इस दौरान पुलिस प्रशासन भी 1 तारीख से 11 तारीख तक पूरी तरह अलर्ट रहा अखाड़े के उस्ताद हाजी जुल्फिकार खान अख्तर कुरैशी शेख नाजिम नसीम कुरैशी गुड्डू भाई छोटे खां राजू खान इकबाल खान मजहर पठान चुनने मम्मास सईद मम्मा अंसार पटेल सहित अखाड़ा समिति मौजूद रहे