ग्वालियर। पुलिस का आपरेशन अभिमन्यु…अब यह शहर की बेटियों का रक्षा कवच बनेगा। शुक्रवार को इसकी शुरुआत हुई। जहां महिला पुलिस अफसर और पुलिसकर्मियों ने शहर के अलग-अलग सामाजिक संगठन, धार्मिंग संगठन से जुड़े लोग व युवकों को इकठ्ठा किया। यहां इन्हें शपथ दिलाई गई। युवकों ने शपथ ली- हम करेंगे अपनी बहनों की सुरक्षा। अब यह अभियान लगातार चलेगा, जिसमें महिला अपराधों के प्रति जागरुकता से लेकर सरेराह बेटियों पर फब्तियां कसने वाले, इशारे कर परेशान करने वालों की धरपकड़ होगी। शपथ लेने वाले युवा इसमें पुलिस की मदद करेंगे।
आपरेशन अभिमन्यु…
– पुलिस मुख्यालय ने पूरे प्रदेश में इसे शुरू करवाया है। इसी के चलते एसएसपी राजेश सिंह चंदेल ने डीएसपी हिना खान सहित अन्य महिला पुलिस अधिकारी व महिला पुलिसकर्मियों को इसकी जिम्मेदारी दी है।
– इस अभियान के तहत युवकों को जोड़ा जाएगा। इन्हें बेटियों की सुरक्षा की शपथ दिलाई जाएगी। अमूमन होता यह है, अगर कोई मनचला किसी युवती, महिला को परेशान कर रहा होता है तो कई लोग यह सोचकर बीच में नहीं पड़ते, किसी और के मामले में क्यों बोलना? वह पुलिस को भी सूचना नहीं देते, ऐसे में ऐसे मनचलों की हिम्मत बढ़ती है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है।
– इसे ही देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने बेटियों की सुरक्षा के लिए इस अभियान में युवकों को शामिल करने की शुरुआत की है। आपरेशन अभिमन्यु के तहत पार्क, पिकनिक स्पाट व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर युवक, युवतियों को इकठ्ठा कराया जाएगा। यहां शपथ करवाई जाएगी। महिला हेल्पलाइन नंबर के कार्ड वितरित किए जाएंगे, जगह-जगह पोस्टर लगाए जाएंगे।
महिला पुलिस हेल्पलाइन के नंबर लिखे कटआउट लगाए
आपरेशन अभिमन्यु के पहले दिन इटालियन गार्डन और फूलबाग में जगह-जगह आपरेशन अभिमन्यु से जुड़े कटआउट शुभंकर लगाये गए। इन पर महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन लिखी हुई थी, ग्वालियर पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर लिखा हुआ था। यहां महिला, युवतियों को हेल्पलाइन नंबर के कार्ड भी वितरित किए गए।
स्टाकिंग की भी करें शिकायत
डीएसपी हिना खान ने बताया कि अब सड़क के साथ इंटरनेट मीडिया पर भी छेड़छाड़, बेटियों को परेशान करने की घटनाएं बढ़ गई है। जिसे साइबर अपराध की भाषा में स्टाकिंग बोलते हैं। इस तरह की घटनाएं बढ़ने का एक कारण यह भी है कि कई बार पीड़िताएं शिकायत नहीं करती। लेकिन अब इसे लेकर भी साइबर सेल, महिला सेल काम करती है। इस तरह की घटना होने पर तुरंत शिकायत की जानी चाहिए। जिससे आरोपितों तक पहुंचा जा सके।
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