ओले व बारिश से फसल हुई खराब, राजस्व विभाग नही करा रहा खराब हुई फसल का सर्वे,राष्ट्रीय मजदूर महासंघ ने दी आंदोलन की धमकी
लगातार बदलते मौसम से मूंग की फसल नष्ट होने की कगार पर
कृष्णकांत सोनी सियरमऊ रायसेन
ओले गिरने के साथ ही जोरदार बरसात होने से मूंग की फसल नष्ट होती जा रही है नष्ट हो रही बरसात से किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई है लेकिन प्रशासन से द्वारा नष्ट मूंग की फसल का सर्वे नहीं कराया जा रहा है जिससे किसानों वाह किसान संगठनों में प्रशासन के प्रति बना हुआ है। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही नष्ट हुई फसल सर्वे करा कर मुआवजा नहीं दिया तो आंदोलन किया जाएगा।
क्षेत्र में इस वर्ष मूंग का काफी रकवा बड़ा हुआ है। क्यू की मूंग का समर्थन मूल्य भी 7200 रुपए के लगभग है। मूंग की फसल 60 से 70 दिन की फसल होती है।पर लगातार मौसम करवट बदल रहा है।कही बारिश तो कही छाव है।पहले भी पूर्व के दोनो में सिलवानी अंचल के कई गांव में तेज हवा ओला वृष्टि से मूंग की फसल प्रभावित हुई है।तो कही तेज पानी गिरने से कई गांव की मूंग की फसल सूख गई है। अब मूंग में फूल है तो कही मूंग की फसल कटना है जहा बची हुई फसल है। लगातार मोसम की करवट से किसान के माथे पर चिंता है।
पानी अब गिरने से किसान की मूंग कटने में परेशानी होगी तो कही मूंग का फूल सूखेगा तो कही झड़ेगा,इस बार अधिक मात्रा में नल कूप भी हुए है। मूंग फसल को लेकर,तो वही किसानों ने इस वर्ष अधिक मात्रा में 35 से 40 हजार एकड़ तक की कोली भी जमीन एक बर्ष के लिए खरीदी है। वही बुजुर्ग किसानों का कहना है। की हम ने 70 साल में पहली बार ऐसा किसानों के विपरीत मौसम देख रहे है। किसान मूंग में अब लागत लगा चुका है। यदि तेज बारसिश अब होगी तो किसानों को बड़े संकट का सामना करना पड़ेगा। क्यू की कई किसानों के खेत तक आज भी कोई सड़क नही है। जिस से हार्वेस्टर जाने एव मूंग कटने में परेशानी होगी। वही दाने में चमक खत्म हो जाएगी, जिस से तुलाई केंदो पर किसानों के साथ लूट होगी।
किसानों का कहना है की जहा ओले गिरे,तेज बारिश हुई है,बहा अभी तक प्रशासन के कोई अधिकारी कर्मचारी सर्वे के लिए नहीं पहुंचे है। जिस से किसानों का सर्वे होकर मुआवजा मिल सके। वही इस वर्ष धान का रकबा बढ़ने की ज्यादा उम्मीद है। पर मौसम के बार बार बदलने से मूंग की फसल लेट हो रही है। और धान के लिए क्यारी भी नही बन पा रही है। अनुमान माने तो हर वर्ष से ज्यादा इस वर्ष धान का रकबा बढ़ेगा,क्यू की धान के रेट और चावल का लगातार मूल्य बढ़ा है। जिस से किसानों का रुख अब ज्यादा धान लगाने की ओर है।
इनका कहना है-
सर्वे नही,तो करेंगे आंदोलन
ओला वृष्टि,तेज पानी से मूंग की फसल कही जगह नष्ट हुई है। सरकार के अधिकारी कर्मचारी अभी तक खेतो में सर्वे के लिए नहीं गए हैं। यदि जल्द सर्वे होकर मुआवजा नहीं मिला तो राष्ट्रीय मजदूर महासंघ आंदोलन करेगा।
महेंद्र पटेल,ब्लॉक अध्यक्ष,राष्ट्रीय मजदूर महासंघ
आपदा की घड़ी में सरकार किसानों के साथ
प्रदेश की भाजपा सरकार किसान हितैषी है। आपदा की घड़ी में सरकार किसानों के साथ। प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान व विधायक रामपाल सिंह राजपूत लगातार किसानों की चिंता कर योजनाओं का लाभ दे रहे है।
मुकेश राय,भाजपा किसान संगठन के पदाधिकारी