ग्वालियर। अपर सत्र न्यायालय ने आरक्षक भर्ती में फर्जीवाड़ा करने वाले दोषी धमेंद्र गुर्जर को चार साल की सजा सुनाई है और एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। कोर्ट ने दोषी को सजा काटने के लिए जेल भेज दिया है।
शारीरिक परीक्षा के दौरान उसके अंगूठे का निशान व फोटो मिस मैच हुआ
अपर लोक अभियोजक मंजुला त्रिपाठी ने इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि 21 फरवरी 2016 को धर्मेंद्र गुर्जर निवासी विजयपुरा जिला मुरैना ने आरक्षक भर्ती परीक्षा दी थी। उसके बाद शारीरिक परीक्षा के दौरान उसके अंगूठे का निशान व फोटो मिस मैच हो गया।
दस्तावेजों की जांच में हुआ फर्जीवाड़े का पर्दाफाश
उसके दस्तावेज की जांच की गई और पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया। इसके बाद धर्मेंद्र गुर्जर के खिलाफ कंपू थाने में केस दर्ज किया गया। जांच के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। कोर्ट ने ट्रायल पूरी होने के बाद दोषी को चार साल की सजा सुनाई।
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