-देर रात तक इंतजार करते रहे हजारों भक्त शोभायात्रा में शामिल हुए
रामभरोस विश्वकर्मा ओबैदुल्लागंज रायसेन
रायसेन जिले के ओबेदुल्लागंज नगर में प्रति वर्ष अनुसार इस वर्ष भी भगवान हनुमान जन्मोत्सव का आयोजन पर्व बड़ी धूम धाम से मनाया गया । जिसकी आलौकिक भव्य शोभायात्रा निकाली गई एवं जय हो महावीर तेरी जय हो रघुवीर तेरी.. जयघोष से पूरे शहर भक्तिमय हो गया।
हनुमान जन्म उत्सव समिति, हिंदू उत्सव समिति, धार्मिक एवं सामाजिक संगठन, नगर के सभी धर्म प्रेमी श्रद्धालुओं एवं समस्त नगर वासियों एवं बड़ी संख्या में पधारे आसपास के ग्रामीणों ने बड़े श्रद्धा भाव भक्ति से नगर के श्रीराम मंदिर पहुंचकर हनुमान जी की आरती की , हनुमान चालीसा, अखंड रामायण पाठ एवं जगह जगह भंडारा, एवं आने जाने वाले भक्तों को अपने प्रतिष्ठानों के सामने प्रसादी, ठंडा पानी, फल वितरण करने के लिए स्टॉल लगाए एवं हनुमान जन्मोत्सव पर पूरे नगर को भगवामय नजर आने लगा था , इसके लिए भगवा झंडों, झालरों, बैनर, पोस्टर, भक्तिमय संगीत के लिए डीजे साउंड एवं चमकीली लाल, पीली, नीली एवं सफेद लाइट से पूरा नगर जगमगा रहा था। मानों जैसे आज दीपावली हो। ओबेदुल्लागंज नगरी में हनुमान जन्मोत्सव से धार्मिक माहौल, भारतीय संस्कृति, सनातन संस्कृति, से नगर को भगवामय बनाने में युवा वर्ग में बड़ा उत्साह, उमंग, मेहनत, हिन्दुत्व एवं अपने धर्म, आस्था के लिए जो भक्ति दिखी वह अतुलनीय एवं अकल्पनीय है। वहीं नगर मैं जगह जगह विशाल भंडारे का आयोजन सुबह से ही प्रारंभ हो गए दिन भर आस पास के ग्रामीण क्षेत्रों से पधारे श्रद्धालुओं ने भंडारों में भक्ति भाव से भोजन प्रसादी कर भगवान का स्मरण, भजनों एवं राम धुन से पूरा नगर भक्तिमय हो गया था । संध्या काल होते ही शोभा यात्रा में शामिल होने हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ नगर की सड़को के दोनो ओर कतार में देखने को मिली। सभी श्रद्धालु शोभा यात्रा में शामिल होने के लिए लालायित दिखे।

हनुमान जी का स्वरूप एवं शोभा यात्रा बनी भक्तिमय आकर्षण का मुख्य केंद्र
हरिद्वार से मंगाया भगवान हनुमान जी का स्वरूप रहा मुख्य आकर्षण। शोभायात्रा में श्री हनुमान जी का स्वरूप को नगर भ्रमण ने शोभायात्रा को भक्तिमय बनाया कार्यक्रम की भव्यता के लिए हनुमान जी का स्वरूप हरिद्वार से मंगाया और महाराष्ट्र मुलताई से आई बैंड पार्टी द्वारा शानदार प्रदर्शन हुआ। ट्रॉले की साज-सज्जा रंगीन लाईट के साथ,भगवान श्री राम लक्ष्मण जी का मनमोहक स्वरूप भी शोभा बखेर रही थी।