–शिवपुरी जिले से एक माह पहले ट्रांसफर होकर आई लेब टेक्नीशियन ने अब तक नही किया ज्वाइन
-रायसेन जिले के सलामतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का मामला।
सलामतपुर रायसेन से अदनान खान की रिपोर्ट।
मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 28 प्रकार की निशुल्क पैथालॉजी जांचों का शुभारंभ किया गया था। ताकि मरीज़ आसानी के साथ अपनी बीमारी संबंधित पैथालॉजी जांचों को निशुल्क करा सके। लेकिन मध्यप्रदेश शासन के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में ही 42 गांवों के मरीज बीमारी से संबंधित पैथालॉजी जांचे कराने के लिए लगभग एक महीने से परेशान हो रहे हैं। ये पूरा मामला रायसेन जिले के सलामतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है। जहां 30 सितंबर को लेब टेक्नीशियन आर के कुशवाह सेवानिवृत्त हो गए थे। उसके बाद स्वयं के व्यय पर चार अक्टूबर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पीएचसी खरई जिला शिवपुरी से स्थानांतरण कराकर पीएचसी सलामतपुर आई संविदा लेब टेक्नीशियन क्षमा शिल्पी ने 1 महीना बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्र में ज्वाइन नही किया है। जिसकी वजह से मरीज़ों को पैथालॉजी जांचे कराने के लिए आठ किलोमीटर दूर सांची स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ रहा है। जिससे मरीजों का समय खराब होने के साथ ही परेशानी का भी सामना करना पड़ रहा है।

सलामतपुर स्वास्थ्य केंद्र में ईलाज कराने आते हैं 42 गांवों के ग्रामीण– रायसेन जिले के सलामतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आसपास स्तिथ 42 गांवों के ग्रामीण ईलाज कराने आते हैं। जिनमें रातातलाई, बड़नपुर, सुनारी, सलामतपुर, राजीवनगर, त्रिमूर्ति चौराहा, ढकना-चपना, मेढ़की, कचनारिया, गाडरखेड़ी, सोजना, नरोदा, बागोद, रतनपुर, बरौला, तिजालपुर, बेरखेड़ी चौराहा, खोहा, पुरा, खामखेड़ा, बहेड़िया, बेरखेड़ी घाट, टिगरा, मुक्तापुर, मुरली खेड़ी, बराई खास,बिलोरी, पिपरिया खुर्द सहित अन्य गांव प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन गांवों के मरीज आसानी के साथ सलामतपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य में पहुंच जाते हैं। क्योंकि सलामतपुर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेन भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 रोड से लगा हुआ है। लेकिन इन सभी गांवों के मरीजों को लगभग पिछले एक महीने से पैथालॉजी जांचों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। और मरीजों को 8 किलोमीटर दूर सांची स्वास्थ्य केंद्र में पैथालॉजी जांच कराने जाना पड़ रहा है। ज़िम्मेदार अधिकारियों को जानकारी होने के बाद भी समस्या का समाधान अब तक नही हुआ है।

प्रतिदिन 50 से लेकर 100 मरीज़ आते हैं ईलाज कराने-– स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन पचास से लेकर सौ मरीज़ ईलाज कराने आते हैं। ये आंकड़ा कभी कभी दो सौ मरीज़ तक भी पहुंच जाता है। इन मरीज़ों में से लगभग तीस मरीज़ ऐसे रहते हैं। जिनको पैथालॉजी जांचों की आवश्यकता होती है। लेकिन लेब टेक्नीशियन नही होने के चलते ऐसे मरीज़ों को परेशान होकर सांची स्वास्थ्य केंद्र में पैथालॉजी जांचे कराने जाना पड़ता है।
ये 28 प्रकार की पैथालॉजी जांचे होती है निशुल्क-–
सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जो 28 प्रकार की पैथालॉजी जांचे निशुल्क की जाती हैं उनमें प्रमुख रूप से हीमोग्लोबिन, टोटल लियोकोसाइट, डिफरेन्सयल लियोकोसाइट, ब्लड सुगर, प्लेटलेट काउन्ट, ई.एस.आर., ब्लड ग्रुपिंग टाईपींग, पेरीफेरल ब्लड फिल्म, यूरिन प्रेग्नेन्सी टेस्ट, स्टूल फार ओवा, स्किलिंग एनोमियां, मलेरिया टेस्ट, वी.डी.आर.एल., एच.आई.वी. टेस्ट, हेपेटाइटिस बी, स्पूटम फ़ॉर ए.एफ.बी., टाइफाईड टेस्ट, स्टूल फार ओक्युल्ट टेस्ट, बी.टी.सी.टी. टेस्ट, यूरिन माइक्रोस्कॉपी, जी.6.पी.डी. टेस्ट, एच.सी.बी. ऐंटीबॉडी टेस्ट, रेटीक्लोसाइट काउण्ट स्नोफिल, स्मेयर फार लेप्रोसी, ग्राम स्टेनिंग फार स्पेसीमैन, टी.बी.मोन्टॉक्स, आर.ए. फैक्टर, सी.आर.पी. टेस्ट शामिल हैं।
इनका कहना है।
अस्पताल के लेब टेक्नीशियन 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उसके उपरांत पीएचसी खरई जिला शिवपुरी से स्वयं व्यय पर स्थानांतरित होकर आई संविदा लेब टेक्नीशियन ने एक माह बीत जाने के बाद भी अस्पताल में ज्वाइन नही किया है। जिसकी वजह से मरीज़ पैथलॉजी जांच कराने के लिए परेशान हो रहे हैं।
डॉ रवि राठौर, मेडिकल ऑफिसर स्वा.कें. सलामतपुर।
में शुगर की जांच कराने सलामतपुर स्वास्थ्य केंद्र गया था। लेकिन वहां पहुंचकर पता चला कि लेब टेक्नीशियन 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। और नई लेब टेक्नीशियन ने अभी तक ज्वाइन नही किया है। मुझे परेशान होकर बिना जांच के ही वापस आना पड़ा।
देवेन्द्र पाल सिंह, थाना प्रभारी सलामतपुर।
सलामतपुर स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र का सबसे बड़ा अस्पताल है। यहां पर लगभग 42 गांवों के ग्रामीण इलाज कराने आते हैं। लेकिन एक महीने से अस्पताल में मरीज़ों की पैथलॉजी जांच नही हो पा रही हैं। मरीज़ों को जांच कराने के लिए 8 किलोमीटर दूर सांची स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ रहा है। जानकारी होने के बाद भी ज़िम्मेदार अधिकारी इस और ध्यान नही दे रहे हैं।
रघुवीर मीणा, सरपंच रातातलाई।
मुझे सलामतपुर स्वास्थ्य केंद्र में टायफाइड की जांच करानी थी। 2 दिन परेशान होने के बाद भी मेरी जांच नही हो पाई। और मुझे मजबूरी में 8 किलोमीटर दूर सांची स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी पड़ी।
भगवान सिंह, बेरखेड़ी चौराहा।