बरेली से यशवन्त सराठे
रायसेन जिले की बरेली तहसील की ग्राम पंचायत धोखेड़ा में बगैर जनप्रतिनिधियों के ही आधे अधूरे कार्य चल रहे हैं ।
ग्राम बासियो ने एस डी एम प्रमोद गुर्जर को ज्ञापन सौपा ज्ञापन मे कहा गया है,कि जन प्रतिनिधियो की अनुपस्थितियो में ग्राम सभाएं की जाती हैं परंतु ना तो इन ग्राम सभाओं में सरपंच की मौजूदगी होती है और ना ही पंचों की प्रमुख जनप्रतिनिधियो की गैर हाजरी में शासन द्वारा आदेशित योजनाओं को सिर्फ कागजो में लीपापोती के तौर पर दर्शाया जा रहा है ग्राम सभाओं में सिर्फ रोजगार सहायक की मौजूदगी में ही सारे काम कागजी तौर पर निपटा लिए जाते हैं परंतु इन पर अमल नहीं होता इस प्रक्रिया को देख देख कर ग्रामवासी परेशान हैं और अपने कार्यों को लेकर भी चिंतित हैं क्योंकि शासन से प्रदत योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिलना अनिवार्य है परंतु ग्राम सभाओं में महिला सरपंच की अनुपस्थिति में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता इस प्रक्रिया से परेशान होकर ग्राम वासियों ने माननीय कलेक्टर महोदय रायसेन को एक लिखित अबेदन के द्वारा शिकायत की है जिसमें संपूर्ण जानकारी दी गई है की ग्राम सभाओं की बैठक में महिला सरपंच सचिव और अन्य जैसे पंच आदि मुख्य जिम्मेदार पदाधिकारी गैर जिम्मेदाराना तरीके से नदारद रहते हैं वही एक रोजगार सहायक के ऊपर सारी जिम्मेदारी देकर सारे कार्यों पर लीपापोती की जा रही है इसी संबंध में सभी ग्राम वासियों द्वारा एक लिखित शिकायती आवेदन के अनुसार संबंधित विभागों को सूचना प्रदान की गई है और शिकायत भी कि है कैसे शासन के आदेश पर पलीता लगा रहे ग्राम पंचायत धो खेड़ा के जनप्रतिनिधि अभी कुछ समय पहले शासन के आदेश अनुसार आदेश में लिखा गया था कि जिस जनपद ग्राम पंचायत और नगर पंचायत की सभा में अगर महिला सरपंच की जगह अगर उनके सरपंच पति बैठकी में शामिल होते हैं तो इन पर उचित कार्रवाई की जाएगी परंतु इसी क्रम में आदेशों का उल्लंघन करते हुए शासन की आंखों में धूल झोंक रहे कुछ जिम्मेदार जन प्रतिनिधि अब आगे देखना है कि इस खबर पर शासन और प्रशासन कितना गौर करता है क्या इसी तरह आदेशों की अवहेलना होती रहेगी क्या इसी तरह आपसी मिलीभगत से गैर जिम्मेदार पंच सरपंच अपना पेट भरते रहेंगे क्या इसी तरह जनता परेशान होती रहेगी यह सब विचारणीय तथ्य हैं आगे देखना है की अब गैर जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर क्या कार्रवाई होती है