7 दिन में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी, एसडीएम मनीष शर्मा ने लिया ज्ञापन
रायसेन। जिला अस्पताल में मरीजों को हो रही परेशानियों और स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर नगरवासियों ने आवाज उठाई है। सोमवार, 12 अक्टूबर को समस्त रायसेन नगरवासियों की ओर से जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार कराने की मांग की गई। जिला प्रशासन की ओर से एसडीएम मनीष शर्मा ज्ञापन लेने पहुंचे।
ज्ञापन में अस्पताल में डॉक्टरों की निर्धारित समय पर अनुपस्थिति, शौचालयों की खराब स्थिति, पेयजल स्थल पर गंदगी, आवश्यक दवाइयों की अनुपलब्धता, एम्बुलेंस सेवा में देरी और कई दिनों से बंद लिफ्ट जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।

डॉक्टरों की अनुपस्थिति से मरीज परेशान
ज्ञापनकर्ताओं ने बताया कि जिला अस्पताल में कई डॉक्टर निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं रहते, जिसके कारण मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। इससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने और अस्पताल की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी कराने की मांग की।
शौचालयों में गंदगी, फिसलकर गिरने का खतरा
अस्पताल के शौचालयों की स्थिति पर चिंता जताते हुए ज्ञापन में कहा गया कि कई जगह टाइल्स टूटी हुई हैं, पानी भरा रहता है और साफ-सफाई का अभाव है। ऐसी स्थिति में मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के फिसलकर चोटिल होने का खतरा बना रहता है। वहीं, वाटर कूलर के आसपास गंदगी और नियमित सफाई नहीं होने से स्वच्छ पेयजल प्राप्त करने में भी परेशानी होती है।

दवाइयों, एम्बुलेंस और लिफ्ट की समस्या भी उठाई
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध नहीं होने के कारण डॉक्टरों द्वारा लिखी गई दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ती हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसके अलावा एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं होने और अस्पताल परिसर में लगी लिफ्ट कई दिनों से बंद रहने की शिकायत भी की गई। इन समस्याओं के कारण गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को विशेष परेशानी होती है।
ज्ञापन में रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत संचालित दुकानों में निजी चैंबरों के संचालन और मरीजों से मनमाने पैसे वसूले जाने संबंधी शिकायतों की जांच कराने की मांग भी की गई। साथ ही अस्पताल में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और नियमित निरीक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग रखी गई।

सात दिन में समाधान नहीं तो आंदोलन
नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की कि अस्पताल में डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, शौचालयों एवं पेयजल स्थल की नियमित सफाई कराई जाए, आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं, एम्बुलेंस सेवा में सुधार किया जाए और बंद लिफ्ट को शीघ्र चालू कराया जाए।
ज्ञापन में स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि सात दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो समस्त रायसेन नगरवासी आंदोलन करने के लिए विवश होंगे। ज्ञापनकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन जनहित से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से अश्वनी पटेल, राहुल लोधी, दीपक ठाकुर सहित अन्य नगरवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार कर मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।