राज्य शासन से बने और निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों का संचालन सरकार ही करेगी, PPP मॉडल पर नहीं दिए जाएंगे
भोपाल। राज्य शासन ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय को स्पष्ट करते हुए कहा है कि राज्य शासन द्वारा निर्मित अथवा राज्य शासन के मद से निर्माणाधीन चिकित्सा महाविद्यालयों का संचालन एवं संधारण सरकार द्वारा ही किया जाएगा।
शासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ऐसे चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर संचालन के लिए निजी क्षेत्र को नहीं सौंपा जाएगा।
सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद राज्य मद से निर्मित और निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। इन संस्थानों के संचालन, व्यवस्थाओं और संधारण की जिम्मेदारी राज्य शासन के पास ही रहेगी।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों को लेकर स्थिति स्पष्ट
राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय का उद्देश्य राज्य सरकार के संसाधनों से तैयार किए जा रहे चिकित्सा महाविद्यालयों के संचालन को सरकारी व्यवस्था के अंतर्गत बनाए रखना है। इससे इन कॉलेजों के भविष्य के संचालन को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्थिति स्पष्ट हुई है।
शासन के अनुसार: राज्य शासन द्वारा निर्मित या राज्य शासन के मद से निर्माणाधीन चिकित्सा महाविद्यालयों को पीपीपी पद्धति पर संचालन के लिए नहीं दिया जाएगा।