किराया पूरा वसूल बैठने की नहीं सुविधा
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
मध्यप्रदेश में यात्री बसों का किराया बढ़ने के बाद अब यात्रियों को बढ़े किराए के बदले सुविधा और सुरक्षा मिलना तो दूर, बसों में बैठने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। भोपाल-विदिशा स्टेट हाईवे-18 से गुजरने वाली कई बसों में इन दिनों क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। हालत यह है कि बसों के अंदर सीटें पूरी तरह भरने के बाद भी यात्रियों को खड़ा करके सफर कराया जा रहा है।
प्रदेश में हाल ही में बस किराए में 60 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में यात्रियों का कहना है कि जब किराया बढ़ाया गया है तो कम से कम उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा की सुविधा तो मिलनी चाहिए, लेकिन हाईवे-18 पर स्थिति इसके उलट नजर आ रही है।

किराया पूरा, सीट अधूरी
भोपाल-विदिशा मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री बसों से सफर करते हैं। बसों में सीटें भरने के बाद भी अतिरिक्त यात्रियों को बैठाने और खड़ा करके ले जाने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी भीड़ के बीच सफर करने को मजबूर होते हैं।
यात्रियों का सवाल है कि जब टिकट का पूरा किराया लिया जा रहा है तो उन्हें सीट की सुविधा क्यों नहीं मिल रही? यात्रियों के अनुसार बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरना न केवल असुविधा है, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में गंभीर खतरा भी बन सकता है।
कुछ दिन पहले बस अनियंत्रित होते हुए रोड से नीचे उतारते हुए पेड़ से टकराकर रुक गई थी जिसमें कई लोग घायल हुए थे तो वही एक बस के पीछे के दोनों पहिए चलते में निकल गए थे और बस कई फिट तक रगड़ती हुई चलती रही थी गनीमत रही की बस नहीं पलटी थी नहीं तो बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती थी
ओवरलोडिंग पर लगाम कौन लगाएगा?
हाईवे-18 पर पहले भी ओवरलोड यात्री वाहनों और सड़क हादसों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद बसों में अतिरिक्त सवारियां बैठाने पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से बस संचालकों के हौसले बुलंद होने की बात कही जा रही है।
यात्रियों का कहना है कि बस संचालक अधिक से अधिक यात्रियों को भरकर मुनाफा कमाने में लगे हैं, जबकि सुरक्षा की जिम्मेदारी पीछे छूटती दिखाई दे रही है। यदि चलती बस में अचानक ब्रेक लगे या कोई हादसा हो जाए तो क्षमता से अधिक यात्रियों के कारण नुकसान कई गुना बढ़ सकता है।
60 प्रतिशत किराया बढ़ा तो सुविधा क्यों नहीं?
बस किराया बढ़ने के बाद यात्रियों को उम्मीद थी कि यात्रा व्यवस्था में सुधार होगा, लेकिन यात्रियों की शिकायत है कि उन्हें बढ़ा हुआ किराया तो देना पड़ रहा है, जबकि सीट और सुरक्षा की सुविधा जस की तस है।
भोपाल-विदिशा मार्ग पर ऑनलाइन बस सेवाओं की उपलब्धता भी बताती है कि इस रूट पर नियमित रूप से बड़ी संख्या में बसें चलती हैं। इसके बावजूद स्थानीय यात्रियों को भीड़ और ओवरलोडिंग का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय यात्रियों ने परिवहन विभाग और प्रशासन से हाईवे-18 पर चलने वाली यात्री बसों की नियमित जांच कराने, निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाले संचालकों पर कार्रवाई करने और यात्रियों से निर्धारित किराया ही वसूलने की मांग की है।
यात्रियों का कहना है कि किराया बढ़ाने के साथ परिवहन विभाग को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि यात्री को सीट मिले, बस में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी न हो और सड़क पर उनकी जान जोखिम में न डाली जाए।
अब सवाल यह है कि बढ़े हुए किराए के बावजूद यदि यात्रियों को सुरक्षित सीट तक नहीं मिल पा रही है, तो आखिर इस अव्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है और ओवरलोड बसों पर कार्रवाई कब होगी?