नर्मदा जल लेकर 120 कावड़ियों ने निकाली भव्य कावड़ यात्रा, ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर झूमते हुए शिवालयों में किया जलाभिषेक
मुकेश साहू दीवानगंज रायसेन
सावन के दूसरे सोमवार को क्षेत्र के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए भक्तों की कतारें लगी रहीं। हर कोई भगवान शिव को जल अर्पित कर सुख-समृद्धि और क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना करता नजर आया। मंदिर परिसर पूरे दिन हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजते रहे।

इसी क्रम में चार दिन पहले गुरुवार को बालमपुर, गिदगढ़, बालमपुर घाटी, भदभदा, प्रेमपुरा सहित आसपास के गांवों से करीब 120 कावड़िए नर्मदा जल लेने के लिए रवाना हुए थे। नर्मदा तट से कावड़ में पवित्र जल भरने के बाद कावड़ियों ने पैदल यात्रा शुरू की। यात्रा के दौरान ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर कावड़िए उत्साह के साथ झूमते और नृत्य करते हुए आगे बढ़े।
कावड़ यात्रा के दौरान रास्ते में आने वाले विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं ने दर्शन और पूजा-अर्चना की। सोमवार को कावड़िए अपनी कावड़ लेकर बालमपुर खेड़ापति हनुमान माता मंदिर, भोपाल-विदिशा हाईवे 18 स्थित हनुमान मंदिर और गिदगड क्षेत्र के प्राचीन सिद्धेश्वर शिवजी की गुफा पहुंचे। यहां कावड़ियों ने भगवान शिव का नर्मदा जल से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की।

आस्था और उत्साह का दिखा संगम
कावड़ यात्रा के दौरान युवाओं के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। हाथों में कावड़ और जुबां पर भोलेनाथ का नाम लेकर श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ यात्रा करते नजर आए। जगह-जगह ग्रामीणों ने कावड़ियों का स्वागत किया। सावन सोमवार के अवसर पर शिवालयों में सुबह से लेकर देर तक श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
सिद्धेश्वर शिवजी की गुफा पर जलाभिषेक के बाद कावड़ियों ने भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी बारिश की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद कावड़ यात्रा का विधिवत समापन हुआ। चार दिन तक चली इस धार्मिक यात्रा ने पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना दिया।